बालिका ठहराव अभियान हुआ फ्लॉप

Badaun Updated Tue, 12 Jun 2012 12:00 PM IST
बदायूं। जिले में चलाया गया बालिका ठहराव अभियान फ्लॉप हो गया। सरकारी स्कलों में बालिकाओं की संख्या बढ़ाने और रोकने को यह अभियान चलाया गया था। पिछले दो सालों में लगभग दो हजार बालिकाएं विद्यालयों से जुड़ीं, लेकिन तमाम ने स्कूल बीच में ही छोड़ दिया। बताया जाता है कि जिला स्तर पर अभियान का संचालन सही नहीं हो पाया। मिली रकम कागजों में विभाग ने खर्च दिखाई। यह भी दिखाया गया है कि हर साल छात्राओं की संख्या बढ़ रही है, लेकिन स्कूल छोड़ने वाली छात्राओं के कॉलम में शून्य लिखा है। सूत्र बताते हैं कि ऐसी छात्राओं के सर्वे के बिना ही कॉलम भरे गए हैं।
हर साल स्कूल चलो अभियान के साथ-साथ बालिका ठहराव अभियान भी चलाया जाता है। इस अभियान में छात्राओं के नामांकन पर अधिक से अधिक बल दिया जाता है। गोष्ठियां गांवों में आयोजित कर अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताया जाता है। पढ़ाई से दूर होने वाली बाधाएं भी बताई जाती हैं। महकमे के आंकड़ों में पिछले दो सालों में दो हजार छात्राओं के नए नामांकन विद्यालयों में किए गए, लेकिन उनकी उपस्थिति विद्यालयों में है ही नहीं। इसका खुलासा तत्कालीन बीएसए डॉ. ओपी राय के निरीक्षण में हुआ था। उन्होंने 90 विद्यालयों का निरीक्षण किया। इसमें छात्राओं की संख्या न्यून पाई गई थी और छात्राओं के नाम रजिस्टर में दर्ज मिले थे। कुछ प्रधानाध्यापकों ने भी उन्हें बताया था कि कई छात्राएं विद्यालय नहीं आ रही हैं। बाद में अफसरों ने छात्राओं के स्कूल छोड़ने के कारणों को नहीं तलाशा।
वर्जन
बालिकाओं का अनुपात बढ़ा है। कितनी छात्राएं स्कूल छोड़ी, इसके लिए सर्वे कराया जाएगा।
कृपाशंकर वर्मा ,बीएसए

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