विकलांगों को अभी करना होगा पेंशन का इंतजार

Badaun Updated Tue, 12 Jun 2012 12:00 PM IST
बदायूं। कहते हैं डूबते को तिनके का ही बड़ा सहारा होता है। तीन सौ रुपये की बेहद मामूली पेंशन आज के महंगाई के दौर में कोई खास मायने न रखती हो लेकिन एक तो गरीब और उस पर शारीरिक लाचारी झेलने वालों के लिए यह मामूली रकम भी किसी तिनके के सहारे से कम नहीं है। मगर, गरीब विकलांगों के लिए इस पेंशन की क्या अहमियत है, इससे संवेदनहीन होकर कई अधिकारियों ने विकलांग पेंशन का सत्यापन समय से नहीं किया है। अब उन्हें पेंशन के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
जिले में कितने अपात्र विकलांगों को पेंशन दी जा रही है, इसका पता लगाने के लिए प्रशासन ने जिलेभर में सत्यापन का काम शुरू कराया। ग्रामीण क्षेत्र में एसडीएम और शहरी इलाकों के लिए नगर पालिका ईओ को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके बावजूद अभी तक उसावां, वजीरगंज और समरेर ब्लॉक में सत्यापन पूरा नहीं किया गया है। हाल ही में डीएम मयूर माहेश्वरी ने समीक्षा के दौरान विकलांग पेंशन का सत्यापन पूरा न होेने पर विकलांग कल्याण अधिकारी एसएस यादव को सख्त निर्देश दिया गया था। इधर, विकलांगों की पेंशन का सत्यापन पूरा न होने पर पेंशन के लिए बजट की मांग भी शासन को भेजने में देरी हो रही है। ऐसे में विकलांगों को अभी पेंशन के लिए कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है। उधर, चल-फिर पाने में अक्षम विकलांग पेंशन की जानकारी के लिए कोसों दूर किसी तरह विकास भवन पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें दिलासा के सिवा कुछ भी नहीं मिल रहा।

11222 विकलांगों को मिल रही पेंशन
विकलांग पेंशन के लिए 11222 विकलांग के लाभार्थी हैं। इनके अलावा 1326 विकलांग लाभार्थी गुन्नौर क्षेत्र के हैं, हालांकि अब यह क्षेत्र भीमनगर जिले में शामिल हो चुका है लेकिन इन लाभार्थियों को पेंशन अभी यहीं जिले से जारी हो रही है। गुन्नौर को मिलाकर प्रशासन 12548 लाभार्थियों को पेंशन जारी कर रहा है।

समरेर, उसावां और वजीरगंज इन तीनों ही जगह से सत्यापन रिपोर्ट जल्द ही मिल जाएगी। इसके लिए उन्हें निर्देश भी कर दिया गया है। सत्यापन पूरा होते ही विकलांग पेंशन के लिए शासन से बजट की मांग कर ली जाएगी।
एसएस यादव, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी

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