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नहीं बढ़ी बच्चों की संख्या तो अफसरों की खैर नहीं

Badaun Updated Mon, 11 Jun 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। जुलाई माह में चलने वाले स्कूल चलो अभियान के बाद यदि सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या नहीं बढ़ी तो समझो अधिकारी नपेंगे। बेसिक शिक्षा परिषद ने शिक्षा सत्र का सबसे महत्वपूर्ण अभियान इसे माना है। बच्चों की संख्या बढ़ने के बाद उन्हें स्कूल में रोकना भी होगा।
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परिषदीय स्कूलों का शिक्षा सत्र जुलाई माह में शुरु होता है। इस माह में बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए स्कूल चलो अभियान चलाया जाता है। इसके अंतर्गत ग्राम से लेकर जिला स्तर तक रैलियां निकाली जाती हैं। गोष्ठियों का आयोजन किया जाता है। प्रतियोगिताओं का आयोजन भी इसमें शामिल है, लेकिन पिछले सालों में यह अभियान काम नहीं आया। बच्चों की संख्या नहीं बढ़ पाई, जो आए वह भी चलते बने।
इस बार परिषद अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी कर रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार सभी बीएसए और खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि अभियान में केवल औपचारिकता ही पूरी न की जाएं। उसे पूरी तरह लागू किया जाए। बच्चों को घरों से लाया जाए और उनका प्रवेश नजदीकी विद्यालय में कराया जाए। उसके बाद स्कूल में ऐसा माहौल बनाया जाए ताकि वह बच्चे स्कूल से किनारा न कर सकें। यह भी कहा गया कि बच्चे स्कूलों में नहीं बढ़े तो अधिकारियों की खैर नहीं होगी। अभियान के तहत बढ़े बच्चों की संख्या का ब्योरा परिषद को विभाग देगा। वहां समीक्षा होने के बाद ही जिले को ग्रेड दिया जाएगा कि अभियान फ्लॉप हुआ या पास। हालांकि आदेश के बाद विभाग तैयारी में जुट गया है।

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