66 हजार जॉब कार्ड धारक हुए बेरोजगार

Badaun Updated Sun, 10 Jun 2012 12:00 PM IST
अनूप गुप्ता
बदायूं। मनरेगा के 66 हजार जॉब कार्ड धारक बेरोजगार हो गए हैं। मनरेगा में मजदूरी के लिए जॉबकार्ड तो जारी कर दिए गए थे, लेकिन उनके बैंक खाता न होने से उन्हें मजदूरी नहीं दी जा पा रही है। मनरेगा के यह साफ नियम है कि जॉबकार्ड धारकों की मजदूरी उसके बैंक खातों में ही भेजी जाए। हैरत वाली बात यह है कि मनरेगा के कर्ताधर्ता भी मनरेगा मजदूरों के बैंक खाते खुलवाने की कोई सुधि नहीं ली है।
सालभर में सौ दिनों के काम की गारंटी देने वाली मनरेगा जब लागू हुई तो शुरूआत में तो मजदूरी का नगद भुगतान दिया जाता था, बाद में बदली व्यवस्था में यह नियम बना दिया गया कि सभी मजदूरों का भुगतान उनके बैंक खातों में किया जाए। जिले में मनरेगा में मजदूरी के लिए 250129 को जॉबकार्ड जारी किए गए हैं। इन सभी मजदूरों के बैंक या पोस्टऑफिस में खाते होने चाहिए, जबकि अभी तक सिर्फ 183943 मनरेगा मजदूरों के खाते खुल सके हैं। तकरीबन 66 हजार जॉबकार्ड धारकों के बैंक खाते न खुलने से उन्हें मनरेगा में काम नहीं दिया जा पा रहा है। मनरेगा से जुड़े अफसरों का कहना है कि मजदूरी बैंक खाते में ही भेजी जानी है। इसलिए खाता खोले बगैर उन्हें काम दे पाना मुमकिन नहीं है।

आज तक नहीं दिया गया बेरोजगारी भत्ता
काम मांगने के बावजूद प्रशासन भले ही न जाने कितने जॉबकार्ड धारकों को काम न दिया गया हो लेकिन अभी तक किसी को बेरोजगारी भत्ते का भुगतान नहीं किया गया है। इससे यह तो साफ है कि प्रशासन जॉबकार्ड धारकों को बेरोजगारी भत्ते का भुगतान करने को लेकर गंभीर नहीं है। नियम तो यह है कि जॉबकार्ड धारक के काम मांगनेके 14 दिनों में काम मिलना चाहिए, उसके बाद उन्हें बरोजगारी भत्ते का भुगतान होना चाहिए।
बाक्स-----
ब्लाकवार जॉबकार्ड धारक और बैंक खाता धारक श्रमिकों की संख्या
ब्लाक जॉबकार्ड धारक बैंक खाता धारक श्रमिक
अंबियापुर 14145 9743
आसफपुर 16025 14951
बिसौली 12009 10817
दातागंज 13211 10337
दहगवां 15547 12077
गुन्नौर 12486 9428
इस्लामनगर 12486 9428
जगत 13771 10336
जुनावई 15014 6305
म्याऊ 14183 9547
कादरचौक 14939 8297
रजपुरा 12920 7989
सहसवान 17358 12841
सलारपुर 15290 12209
समरेर 15290 10697
उझानी 17235 11914
उसवां 10884 6399
वजीरगंज 13060 11701
----------------------------------
कुल 250129 183943 (62.87 प्रतिशत)
---------------------------

यह सही है कि सभी जॉबकार्ड धारकों के बैंक खाते होने चाहिए। जितने मनरेगा मजदूरों के खाते नहीं खुले हैं, उन्हें जल्द ही खुलवाने के निर्देश बीडीओ को दिए जाएंगे। हालांकि इसमें वे मजदूर भी हैं, जो काम नहीं करना चाहते हैं।
कृपाराम सिंह, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण

Spotlight

Related Videos

ऐसी चल रही है रणवीर-दीपिका की शादी की तैयारियां, यहां होगी शादी

एक तरफ जहां बॉलीवुड के पॉप्यूलर कपल दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की शादी की डेट फिक्स होने की खबरें है तो दूसरी ओर शादी की तैयारियां भी जोरों पर हैं।

22 जून 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen