कैडर बदलने वाला वरिष्ठ लिपिक निलंबित

Badaun Updated Thu, 07 Jun 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। कर्मचारियों के कैडर बदलने के मामले में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ लिपिक चरनसिंह को निलंबित कर दिया गया। इस पर आरोप थे कि महकमे के ही नौ प्रयोगशाला सहायकों को प्रयोगशाला टेक्नीशियन बना दिया। इसकी सूचना डीजी हेल्थ को भेजी थी। निदेशक प्रशासन अशोक कुमार वर्मा की इस कार्रवाई से महकमे में अफरातफरी मची है। बताया जाता है कि जांच के दायरे में कई अन्य लिपिक में आ रहे हैं।
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स्वास्थ्य महकमे में स्थानांतरण किए जा रहे हैं। एक ही जिले में दस साल से अधिक समय से तैनात कर्मचारियों का ब्योरा डीजी हेल्थ ने मांगा था। जिले से दस मई को नौ प्रयोगशाला सहायकों की सूची भेजी गई थी। इसमें माधव मिश्रा, मानवेंद्र सिंह, अरुण कुमार, क्षेत्रपाल, नवरत्न, रविदत्त शर्मा, दिनेश कुमार, ओमकार सिंह, यशपाल सिंह शामिल रहे। एडी हेल्थ डॉ. आरआर त्यागी के माध्यम से यह सूचना गई थी। उसके बाद प्रारुप पर इन कर्मचारियों की दोबारा सूची मांगी गई। इस सूची में डीजी हेल्थ को कर्मचारियों के पदनाम कटे मिले। प्रयोगशाला सहायकों की जगह उन्हें प्रयोगशाला टेक्नीशियन बना दिया गया।
डीजी हेल्थ ने इस गलती के लिए एडी हेल्थ से जवाब मांगा तो उन्होंने सीएमओ कार्यालय के संबंधित लिपिक चरनसिंह को बुलाकर पूछा। डॉ. त्यागी ने बताया कि लिपिक ने लिखित में गलती स्वीकारी है। यह रिपोर्ट शासन को भेजी गई तो वरिष्ठ लिपिक को बुधवार को निलंबित कर दिया गया। सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह ने बताया कि लिपिक के निलंबन आदेश प्राप्त हो गए हैं। वहीं लिपिक ने अपने को निर्दोष बताया था। कहा कि सूची में पदनाम उसने नहीं काटे।
कंप्यूटर पासवर्ड हुआ था लीक
सीएमओ कार्यालय के कंप्यूटर सिस्टम का पासवर्ड एक बार नहीं तीन बार लीक हुआ था। इस प्रकरण को भी इसी मामले से जोड़ा जा रहा है। महकमे के सूत्र बताते हैं कि कई अन्य लिपिक भी इसमें लिप्त हैं। उनकी गोपनीय जांच हो रही है। उनपर कार्रवाई तय मानी जा रही है। बताया जाता है कि इन लिपिकों ने डीजी हेल्थ को कर्मचारियों की सीधी सूचना भेज दी थी। अधिकारियों से अनुमति नहीं ली गई।
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