रिटायर्ड दरोगा ने फिर ठोकी डिंपल के खिलाफ ताल

Badaun Updated Wed, 06 Jun 2012 12:00 PM IST
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प्रताप यादव
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उझानी(बदायूं)। यहां कोतवाली में तैनात रह चुके महेशचंद्र सेवानिवृत होने के बाद राजनीति की राह पकड़ी और वह कई राजनीतिक हस्तियों के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। पिछली बार फिरोजाबाद से मुलायमसिंह यादव की पुत्रवधू डिंपल यादव के खिलाफ जोर आजमाइश कर चुके यह रिटायर्ड दरोगा ने एक बार फिर से उन्हीं के खिलाफ कन्नौज लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में ताल ठोकी है।
कानपुर देहात में स्वरूपनगर के मूल निवासी महेशचंद्र शर्मा वर्ष 1963 में पुलिस महकमा में भर्ती हुए। रिटायरमेंट उझानी कोतवाली से वर्ष 2001 में हो गया। तीन साल बाद उन्हें राजनीति करने का चस्का लगा। उस वक्त लखनऊ सीट के लिए हुए लोकसभा के चुनाव में उन्होंने आजाद उम्मीदवार के रूप में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई के खिलाफ चुनाव लड़ा। यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ रायबरेली और पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ गाजियाबाद लोकसभा के चुनाव में हिस्सा ले चुके हैं। केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का भी उन्होंने लोकसभा के ही चुनाव में कानपुर से सामना किया है। फिरोजाबाद लोकसभा सीट के उपचुनाव में उन्होंने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधू डिंपल यादव के खिलाफ भी लड़ लिया। यह बात दीगर है कि उन्हें कभी कामयाबी नहीं मिल सकी।
पर्चा तो महेशचंद्र शर्मा ने राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल और उपराष्ट्रपति हामिद अली अंसारी के खिलाफ भी भर दिया था। वह मैनपुरी, कानपुर देहात, बनारस और बदायूं आदि जिले में बतौर दरोगा सेवा दे चुके हैं। श्री शर्मा अन्ना हजारे को अपना आदर्श मानते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतना ही मेरा मकसद नहीं। भ्रष्टाचार के खिलाफ अलख जगाने निकल पड़ा, जिसमें प्रचार के दौरान काफी हद तक सफलता भी मिल जाती है। वह इन दिनों कन्नौज में हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव के खिलाफ एक बार फिर से ताल ठोंकने को तैयारी में जुटे दरोगा जी ने बताया कि अब तक उन्होंने करीब दो दर्जन चुनाव लडे़ हैं। इनमें छात्रसंघ भी शामिल रहा।
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