मिलावट के साथ घटतौली भी बनी आफत

Badaun Updated Wed, 06 Jun 2012 12:00 PM IST
अनूप गुप्ता
बदायूं। जिले में खाद्य सामग्रियों में मिलावट के साथ बड़े पैमाने पर घटतौली से उपभोक्ताओं की जेब पर डाका पड़ रहा है। बाट माप विभाग सिर्फ कागजी खानापूर्ति कर रहा है। बड़ी तादाद में ऐसे दुकानदार हैं, जिन्होंने लंबे समय से कांटों में मोहर नहीं लगवाई है। इतना ही नहीं नियमों को दरकिनार कर ईंट व पत्थर के बाट से होती तौल भी कहीं भी आसानी से देखी जा सकती है।
बाजार में मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री को प्रशासन नहीं रोक पा रहा है। इधर, बाट माप विभाग ने भी दुकानदारों को घटतौली करने की खुली छूट दे रखी है। विभाग के दफ्तर में कोई खुद ही कांटों पर मोहर लगवाने आ जाए तो अलग बात है, मगर महकमे की ओर से कांटा व बाट की जांच के लिए शायद की कभी बड़े स्तर पर कोई मुहिम चलाई गई हो, जिसका नतीजा है कि ऐसे दुकानदारों की कमी नहीं है, जो कांटा व बाट का इस्तेमाल कई साल से बगैर बाट माप विभाग की मोहर लगवाए ऐसे ही चला रहे हैं। इतना ही नहीं लोहे के बाट की जगह ईंट व पत्थर के बाट का इस्तेमाल भी बेरोकटोक हो रहा है, जिनकी कोई गारंटी नहीं होती है कि उनका असली वजन क्या है? साफ है कि ग्राहक जगह-जगह पर घटतौली का शिकार बन रहा है और उस पर कोई अंकुश लगाने की कोशिश नहीं की जा रही है।

हर दो साल पर लगनी चाहिए बाटों पर मोहर
नियम तो यह है कि जो लोहे के सभी बांटों पर हर दूसरे साल बाट माप निरीक्षक को उनकी तौल कराकर यह तय करना चाहिए कि उनके वजन में कोई कमी तो नहीं आई है। उसके बाद उन बाटों पर मोहर लगाकर उसके दोबारा इस्तेमाल का मंजूरी दी जाती है। ऐसा न करने वालों पर जुर्माना व सजा दोनों का ही प्रावधान है।

डिब्बे के साथ मिठाई तौलना अवैध
नए आदेश के तहत अब मय डिब्बे के मिठाई नहीं तौलने दी जाएगी। मिठाई अलग तुलेगी और डिब्बे की कीमत अलग से ली जाएगी। मिठाई विक्रेता किसी प्रकार की मनमानी नहीं कर पाएंगे। अधिकतर दुकानदार मिठाई के साथ ही डिब्बे को भी तोलते हैं। कमिश्नर के आदेश पर इसकी जांच बाट माप विभाग कर रहा है, ताकि ऐसे दुकानदारों पर कार्रवाई निर्धारित की जा सके।

न्यूनतम पांच हजार है जुर्माना
इस मामले में मिठाई दुकानदारों पर न्यूनतम पांच हजार रुपये तक का जुर्माना किया जा सकता है। इससे अधिक की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। यदि इसके बाद भी दुकानदार नहीं मानता है तो केस कोर्ट में दाखिल कर दिया जाता है।

20 से 60 रुपये तक का पड़ता है डिब्बा
जिले में 200 रुपये से 600 रुपये किलो मिठाई बिकती है। एक किलो पर डिब्बे का वजन करीब 100 ग्राम होता है। आमतौर पर 10 से 15 रुपये का डिब्बा मिठाई के साथ तौलने से उसकी कीमत 20 से 60 रुपये तक हो जाती है, जाहिर है इससे उपभोक्ताओं का खुलेआम आर्थिक शोषण हो रहा है।

नियमित तौर से चेकिंग कर कांटों पर मोहर लगाई जाती है। इसका उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होती है। मिठाई के साथ डिब्बे के तौलने की बात है तो यह भी नियम का उल्लंघन है। पिछले साल भी कई व्यापारियों पर कार्रवाई हुई थी। यह सिलसिला नियमित चलता है।
आनंद स्वरूप, असिस्टेंट कंट्रोलर बाट माप विभाग

Spotlight

Related Videos

VIDEO: यूपी पुलिस का खौफनाक चेहरा कैमरे में कैद

फतेहपुर में एक बार फिर पुलिस का खौफनाक चेहरा सामने आया है। यूपी पुलिस के सिपाही ने एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। पुलिसवाले ने युवक की पिटाई इसलिए कर दी क्योंकि युवक की बाइक से सिपाही को टक्कर लग गई।

17 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper