जन सूचना अधिकार अधिनियम अफसरों के ठेंगे पर

Badaun Updated Mon, 04 Jun 2012 12:00 PM IST
बदायूं। जिले में जनसूचना अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत मांगी जानी वाली ज्यादातर सूचनाओं को अधिकारी ठेंगा दिखा रहे हैं। ऐसे में कानून बनाकर सरकार ने भले ही आम लोगों को सरकारी महकमों से सूचनाएं देना का अधिकार दिया हो, इसके बावजूद सूचना मांगने वाले लोग भटक रहे हैं।
जिले में आरटीआई के तहत मांगी गई सूचनाएं कितने बड़े पैमाने पर लंबित पड़ी हुई हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एडीएम राजस्व एवं वित्त जेके दीक्षित ने सूचना अधिनियम के 80 मामलों को संज्ञान में लेते हुए इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को भेजकर उन्हें जल्द निस्तारित करके सप्ताहभर के अंदर सूचना भेजने का निर्देश दिया है। इनके आधार पर प्रभागीय वनाधिकार सामाजिक वानिकी का एक, अपर पुलिस अधीक्षक के दो, डीडीओ के 10, आरईएस के एक, डीपीआरओ के दो, समाज कल्याण विभाग के पांच, जिला कार्यक्रम अधिकारी दफ्तर के सात, पीडी डीआरडीएम के चार, एआर कोऑपरेटिव के चार, बीडीएस दफ्तर के सात, डीआईओएस दफ्तर के चार, जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय के चार, जिला मनोरंजन कर विभाग के चार सहित कई मामले हैं। ये तो सिर्फ बानगी है, जबकि आरटीआई के लंबित मामलों की संख्या इससे कहीं ज्यादा है। इससे यह साफ है कि जिले के अफसरान सूचना के आधार पर मांगी जाने वाली सूचनाओं को कोई तरजीह नहीं दे रहे हैं।

महीने भर में मिलनी चाहिए सूचना
अगर कोई सूचना के अधिकार के तहत किसी विभाग से सूचना मांगता है, तो विभाग को संबंधित जानकारियां महीने भर के अंदर सूचना मांगने को देनी होती है। समय सीमा में सूचना न देने पर सूचना मांगने वाला राज्य और केंद्र सूचना आयोग को शिकायत कर सकता है।

कोशिश की जा रही है कि सूचना अधिकार के तहत जिन लोगों ने सूचनाएं मांगी हैं, उन्हें जल्द जानकारियां मिल जाएं, इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
जयंत कुमार दीक्षित, एडीएम राजस्व व वित्त

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