विज्ञापन

चुनाव में अखरेगी पब्लिक एड्रेस सिस्टम की कमी

Badaun Updated Sat, 02 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
बदायूं। जनता के लिए प्रशासन या पुलिस महकमे के अधिकारियों द्वारा खास सूचनाएं देने के लिए बनाए गए पब्लिक एड्रेस सिस्टम की कमी स्थानीय निकाय चुनाव में खल सकती है। जिले के 21 में से महज 11 थानों में यह सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में जिन थानों में इस सुविधा का अभाव है, वहां की जनता को महत्वपूर्ण सूचनाएं देने में अधिकारियों को समस्या का सामना करना पड़ेगा।
विज्ञापन
दो साल पूर्व सांप्रदायिक हिंसा की आशंका के चलते सरकार ने पुलिस को लाठियां, बॉडी प्रोटेक्टर और नई कारें समेत तमाम सुविधाएं दी थीं। इन सुविधाओं में पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी शामिल था। उस समय जिले के 11 थानों में यह सिस्टम लगाए गए थे। साथ ही शहर के कुछ चौराहों पर जनता तक अपना संदेश पहुंचाने के लिए यह सुविधा मुहैया कराई गई थी। हालांकि 10 थाने इस सुविधा से महरूम रह गए। चूंकि विधानसभा चुनाव में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए जिले में बीएसएफ, पैरामिलिट्री, रेपिड एक्शन फोर्स के अलावा भारी मात्रा में पीएसी भी आई थी। ऐसे में चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से निपट गया लेकिन निकाय चुनाव में सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस और पीएसी पर है। ऐसे में इस चुनाव में इस सुविधा की कमी अखर सकती है।
दंगा, कर्फ्यू और चुनाव आता है काम
दंगा, कर्फ्यू और चुनाव की स्थिति में जनता तक पुलिस-प्रशासन का संदेश जनता तक पहुंचाने में यह सिस्टम कारगर साबित होता है। इसके अलावा भी इस सिस्टम का अधिकारी उपयोग करते हैं। चूंकि यह वायरलेस से जुड़ा होता है, ऐसे में एक बार में कोई भी संदेश पूरे जिले की जनता तक पहुंचाया जा सकता है।
डीएम ने दिए हैं निर्देश
पिछले दिनों डीएम मयूर माहेश्वरी ने प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें जिले की सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में यह सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। एसपी रतन श्रीवास्तव ने बताया कि थानों में यह सिस्टम लगवाने का प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही सिस्टम लगवा दिए जाएंगे।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Related Videos

रोमांटिक फिल्मों का शहंशाह जिसने बदल दिया बॉलीवुड फिल्मों का नक्शा

यश चोपड़ा ने बॉलीवुड फिल्मों का दौर बदल दिया। उन्होंने वक्त से आगे बढ़कर फिल्में बनायी। यश चोपड़ा की फिल्में वक्त से आगे की कहानी कहती थीं। देखिए कैसे उन्होंने बॉलीवुड फिल्मों की तासीर ही बदलकर रख दी।

26 सितंबर 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree