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भंडारण व्यवस्था पटरी से उतरी

Badaun Updated Sat, 02 Jun 2012 12:00 PM IST
बदायूं। जिले के कई क्रय केंद्रों पर गेहूं रखने की जगह बाकी नहीं रह गई है। ऐसे में बड़ी संख्या में किसान क्रय केंद्रों पर गेहूं नहीं बेच पा रहे और उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।

गेहूं के भंडारण व्यवस्था पटरी से उतर गई है। मंडी समिति बदायूं, उझानी एसडब्ल्यूसी के गोदाम, मंडी वजीरगंज, पड़उल्ला एसडब्ल्यूसी के गोदाम काफी पहले ही भर चुके हैं। प्रशासन ने कुछ अन्य गोदामों की व्यवस्था की है लेेकिन उन पर भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था न होने से क्रय केंद्रों पर 18 हजार से भी ज्यादा मीट्रिक टन गेहूं भंडारण के लिए पड़ा हुआ है। किसान क्रय केंद्रों से मायूस लौट रहे हैं और उन्हें मजबूरन आढ़तियों के हाथ गेहूं बेचना पड़ रहा है।


सिर्फ 15 हजार किसानों से हुई खरीद
जिले में गेहूं किसानों की संख्या भले ही कई लाख हो लेकिन सरकारी क्रय केंद्रों पर अभी तक करीब 15 हजार किसानों से ही खरीद की गई है। इससे यह साफ है कि किसानों ने या तो बदइंतजामी से गेहूं बेचा नहीं या फिर उन्हें मायूस लौटना पड़ा।

क्या कहते हैं किसान
नहीं हुई क्रय केंद्र तक पहुंचने की हिम्मत
क्रय केंद्रों पर काफी अव्यवस्थाएं रहीं, जिससे उसकी यह हिम्मत नहीं पड़ी कि वह क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने को कड़ी मशक्कत करे।
विष्णुदयाल, महमूदगंज

नए सिरे से सुधार की जरूरत
सरकारी की जो मौजूदा गेहूं खरीद नीति है, उसमें सिरे से सुधार की जरूरत है। इस व्यवस्था में किसानों को इस नीति का कोई खास फायदा नहीं मिल पा रहा है।
जानकी प्रसाद, सिरसा गबरई

थक हार कर आना पड़ा वापस
इस बार गेहूं का सरकारी रेट काफी अच्छा था। इसलिए वह खरीद केंद्र पहुंचा पर वहां गेहूं बेचने में इतनी मशक्कत करनी पड़ी कि वह थक-हार कर वापस आ गया।
राजकुमार, कादरचौक

प्रशासन नहीं लगा पा रहा अंकुश
सभी जानते हैं कि कमीशनबाजी का खेल चलता है और किसानों के नाम से फर्जी खरीद होती है। प्रशासन इस पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है।
दौलतराम, सिसैला नगला

कुछ नए गोदाम लेने से भंडारण की दिक्कत कम हुई है। गेहूं का उठान तेजी से कराया जा रहा है।
रवि गौतम, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी

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