विज्ञापन

दूसरे लोगों के नाम दर्ज कर दी जमीन

Badaun Updated Wed, 30 May 2012 12:00 PM IST
पांच साल बाद हुआ मामले का खुलासा
विज्ञापन
विज्ञापन
दातागंज (बदायूं)। क्षेत्र के गांव बखतपुर में महिला की मौत के बाद पहले लेखपाल ने वास्तविक हकदार महिला के तीन बेटों के नाम जमीन की फौती कर दी और 36 दिन बाद गांव के दूसरे लोगों के नाम इसी जमीन की फौती कर दी। जबकि इन लोगों का मृतक महिला से दूर का भी नाता नहीं है। पांच साल बाद जब दूसरा पक्ष जमीन पर कब्जा लेने आया तो मामले का खुलासा हुआ।
हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव बखतपुर में वर्ष 2007 में अमरवती नामक महिला की मौत हो गई। उसके पति श्रीराम की मौत पहले ही हो चुकी थी। हल्का लेखपाल ने 19 जून 2007 को मृतक महिला के पुत्र गजेंद्रपाल, जितेंद्र सिंह और मुनेंद्र सिंह के नाम फौती कर दी। इसके 36 दिन बाद उसी लेखपाल ने मृतक अमरवती के स्थान पर अनेकपाल सिंह और मुनेंद्र सिंह पुत्रगण रामसिंह निवासी आवास विकास बदायूं के नाम 25 जुलाई 2007 को फौती दर्ज कर दी। इंतखाब में दोनों ही फौती दर्ज चल रही हैं। पहली वाली फौती को गलत साबित किए बगैर दूसरी फौती क्यों की गई और मृतक महिला का जब दूसरी फौती वालों से कोई संबंध ही नहीं था तो उन्हें बतौर वारिसान कैसे अभिलेखों में दर्ज कर दिया, इसका जवाब तहसील के किसी अधिकारी के पास नहीं है।
00000
वर्जन-------
बखतपुर गांव में मृतक अमरवती की जमीन के वारिसानों के नाम दो बार अंकित होना हतप्रभ करने वाला है। थोड़ी कानूनी प्रक्रिया के बाद असली वारिस ही जमीन के मालिक होंगे। अगर इस मामले में लेखपाल दोषी है तो उस पर कार्रवाई होगी।
-महेश प्रकाश, तहसीलदार

Recommended

क्या आप अपने करियर को लेकर उलझन में हैं ? समाधान पाएं हमारे अनुभवी ज्योतिषाचार्य से
ज्योतिष समाधान

क्या आप अपने करियर को लेकर उलझन में हैं ? समाधान पाएं हमारे अनुभवी ज्योतिषाचार्य से

जानें क्यों होता है बार-बार आर्थिक नुकसान? समाधान पाएं हमारे अनुभवी ज्योतिषाचार्य से
ज्योतिष समाधान

जानें क्यों होता है बार-बार आर्थिक नुकसान? समाधान पाएं हमारे अनुभवी ज्योतिषाचार्य से

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

राहुल गांधी की श्रीगंगानगर में दहाड़, शिवराज का पलटवार

लोकसभा 2019 की तारीखों के एलान के बाद से ही देश में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। राजनीतिक दल एक दूसरे पर निशाना साधने की कवायद में तरह-तरह के आरोप एक दूसरे पर लगा रहे हैं।

26 मार्च 2019

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election