एक ही पत्रांक से दो स्कूलों को मान्यता

Badaun Updated Wed, 30 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

बेसिक शिक्षा विभाग में एक और फर्जीवाड़ा आया सामने
विज्ञापन

मान्यता दिए गए दोनों विद्यालय हैं उझानी नगर क्षेत्र के
पत्र जारी होने की तिथि और तत्कालीन बीएसए के हस्ताक्षर नहीं खा रहे मेल
शिकायत से फर्जीवाड़े का हुआ पर्दाफाश, महकमे में अफरातफरी, डिस्पैच रजिस्टर खंगाले जा रहे
बीएसए ने कहा, प्रथम दृष्टया है गड़बड़ी, एक ही पत्रांक से दो पत्र जारी नहीं हो सकते
बदायूं। बेसिक शिक्षा विभाग की कारगुजारी किसी से छिपी नहीं है। आए दिन फर्जीवाड़े हो रहा है। एक और ऐसा ही मामला सामने आया है। एक ही पत्रांक से दो विद्यालयों का मान्यता दी गई है। दोनों विद्यालय उझानी के हैं। हैरत तो ये है कि मान्यता के लिए जिस तिथि में यह पत्र जारी हुए, उससे चार दिन पूर्व तत्कालीन बीएसए ने इस पर हस्ताक्षर किए हैं। मामले की शिकायत पहुंची तो महकमे में अफरातफरी मच गई। डिस्पैच रजिस्टर खंगाले जा रहे हैं। बीएसए का कहना है कि एक ही पत्रांक से दो पत्र जारी नहीं हो सकते। प्रथम दृष्टया यह गड़बड़ी है।
मामला वर्ष 2004 का है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस वर्ष में स्वामी मिथलेश मेमोरियल पब्लिक जूनियर हाईस्कूल उझानी और श्रीमती रामबेनी पब्लिक जूनियर हाईस्कूल उझानी को अस्थाई मान्यता दी है, लेकिन दोनों स्कूल के प्रबंधकों को विभाग द्वारा जारी किए गए पत्रों में पत्रांक संख्या 146-52 लिखी है। मान्यता के यह दोनों पत्र 20 अप्रैल 2004 को बने हैं, पर इन पत्रों पर तत्कालीन बीएसए के हस्ताक्षर 17 अप्रैल 2004 को ही हो गए थे। यानी चार दिन पूर्व। स्कूल मान्यता के पत्रों की प्रतिलिपि अपर शिक्षा निदेशक बेसिक इलाहाबाद, सचिव बेसिक शिक्षा परिषद, सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक तृतीय मंडल बरेली, उप बेसिक शिक्षा अधिकारी बदायूं और समाज कल्याण विभाग को भेजी गई है। गांव दहेमी निवासी मुनेंद्र देव सिंह ने इसकी शिकायत बीएसए से की तो अफरातफरी मच गई। सूत्र बताते हैं कि इस तरीके से और भी फर्जीवाड़े हुए हैं, लेकिन वह दबे हुए हैं।
बीएसए डॉ. कृपाशंकर वर्मा का कहना है कि यदि ऐसा हुआ है तो मामला गंभीर है। एक ही पत्रांक से दो पत्र जारी नहीं हो सकते। प्रथम दृष्टया यह गड़बड़ी है। जांच के बाद इस प्रकरण का खुलासा होगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस संबंध में स्कूल प्रबंधकों से संपर्क किया गया, लेकिन नहीं हो सका।
00000
अंशू प्रकरण को दबा दिया
विदित हो कि एक ही प्रमाण पत्र पर दो बहनों के नौकरी करने के मामले का पर्दाफाश ‘अमर उजाला’ ने किया था। बड़ी बहन अंशू बरेली तो दूसरी छोटी बहन अंशू बनी एकता बदायूं के समरेर ब्लाक के प्राथमिक स्कूल खुकड़ी में तैनात थी। महकमे के अफसर इस मामले को दबाए बैठे हैं। सभी कागजों के मिलान के बाद कार्रवाई अभी तक नहीं हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us