कैडर बदलने वाले लिपिक से चार्ज हटाया

Badaun Updated Wed, 30 May 2012 12:00 PM IST
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सीएमओ कार्यालय से भेजा गया कर्मचारियों का ऑफिस पत्र गायब
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डीजी हेल्थ को भेजी गई सूची में पदनाम कटे हुए मिले
बदायूं। गलत सूचना देकर कर्मचारियों के कैडर बदलने के मामले में सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह ने कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक चरन सिंह से चार्ज हटा लिया है। इस पटल के कार्यों को चार लिपिकों को बांट दिया गया है। बताया जाता है कि प्रयोगशाला सहायकों के नाम के भेजे गए पत्र की ऑफिस कॉपी भी गायब है। यह सूची डीजी हेल्थ के पास पहुंची तो उस सूची में पदनाम काटकर लिखे हुए पाए गए थे। लिपिक चरन सिंह का कहना है कि अपर निदेशक स्वास्थ्य बरेली डॉ. आरआर त्यागी को सूचना 16 मई को संशोधित कर भेजी गई थी। उन्होंने मुख्यालय यह सूचना नहीं भेजी। इसमें उनका कोई दोष नहीं है।
विदित हो कि स्वास्थ्य महकमे में दस साल से अधिक समय से तैनात कर्मचारियों के नाम शासन ने मांगे थे। इन कर्मचारियों में नौ लोग शामिल थे। इनकी सूची कंप्यूटर से तैयार कर दस मई को एडी हेल्थ बरेली कार्यालय भेजी गई। वहां से एडी ने इन कर्मचारियों के नाम लखनऊ भेज दिए। बताया जाता है कि भेजी गई सूची में प्रयोगशाला सहायकों को प्रयोगशाला टेक्नीशियन बना दिया गया। इसकी जानकारी एडी से मांगी तो एडी ने बदायूं सीएमओ से पूछा। आखिरकार इसका दोषी लिपिक चरन सिंह को ठहरा दिया गया है। मंगलवार को सीएमओ ने लिपिक से चार्ज हटा लिया। इसका कार्य कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक प्रमोद कुमार मिश्रा, नितिन कुमार, सुरेश चंद्र, रेनू राठौर को दिया गया है।
महकमे में चर्चा है कि सीएमओ कार्यालय से भेजी गई सूची में कर्मचारियों के पदनाम क्यों काटे गए और उसकी प्रति कार्यालय से कैसे गायब हुई? यदि कर्मचारियों के पदनाम काटे गए थे तो एडी हेल्थ कार्यालय से वह सूची लखनऊ क्यों भेजी गई? यह तमाम सवाल कुछ अधिकारियों को भी कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। बताया जा रहा है डीजी हेल्थ के अलावा किसी अन्य विभागीय अधिकारी के पास पदनाम कटी हुई सूची नहीं है। हालांकि यह जांच का विषय है। एडी हेल्थ डॉ. त्यागी का कहना है कि गलती बदायूं सीएमओ कार्यालय के लिपिक चरन सिंह से हुई है। उसने लिखित में भी दिया है। उसने कर्मचारियों की संशोधित सूची सीधे लखनऊ भेजी थी।
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