कई जॉबकार्ड धारकों को नहीं मिला रोजगार

Badaun Updated Wed, 30 May 2012 12:00 PM IST
गिनती के रहे मनरेगा में काम पाने वाले मजदूर
बदायूं। मनरेगा में पिछले साल 80 करोड़ से भी ज्यादा खर्च हुए, इसके बावजूद मनरेगा के मजदूर बेरोजगार रह गए। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मनरेगा पर पानी की तरह पैसा बहाने के बाद भी पिछले वित्तीय साल में सौ दिनों का काम पाने वाले जॉबकार्ड धारकों की तादाद मुट्ठीभर ही रही। प्रशासन ने भी मजदूरों को रोजगार दिलाने की ओर कोई कदम नहीं उठाया।
गांवों से बेरोजगारों के शहरों की ओर पलायन रोकने के लिए उन्हें सौ दिनों का रोजगार देने की गारंटी देते हुए मनरेगा शुरू की गई। इस पर सरकार हर साल करोड़ों रुपये जारी करती है और प्रत्येक ग्राम पंचायत को कार्ययोजनाओं के लिए भरपूर पैसा मिलता है। यहां जिले में करीब 82 करोड़ 39 लाख रुपये तो मनरेगा पर खर्च कर दिए गए लेकिन कई जॉबकार्ड धारक मजदूरी के लिए भटकते ही रहे। जिले में दो लाख 49 हजार 457 जॉबकार्ड जारी किए जा चुके हैं लेकिन पिछले वित्तीय साल 2011-12 में सौ दिनों का काम पाने वाले मजदूरों की संख्या सिर्फ 4433 ही रही। इससे यह साफ है कि मनरेगा पर करोड़ों खर्च होने के बावजूद सालभर जॉबकार्ड धारक रोजगार के लिए भटकते रहे। जबकि मजदूरों के आवेदन करने के बावजूद उन्हें रोजगार के लिए भटकते रहना पड़ा।
0000
इस साल के लिए नहीं मिली कोई धनराशि
मनरेगा के लिए करीब एक अरब का प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेज दिया गया है लेकिन अभी तक इस पर कोई धनराशि जारी नहीं की गई है। सरकार ने मनरेगा के धन जारी करने में देरी हुई तो उसकी मौजूदा वित्तीय साल की कार्ययोजनाएं पूरी करने में भी देरी होगी।
00000
वर्जन.....
सभी जॉबकार्डधारकों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार दिलाने की कोशिश की जाती है। जहां रोजगार न देने के मामले सामने आते हैं, वहां जांच कराकर कार्रवाई होती है।
-सूर्यपाल गंगवार, सीडीओ

Spotlight

Related Videos

VIDEO: अखिलेश यादव चाहते थे कि मैं उनके तलवे चाटूं: अमर सिंह

राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने एक बार फिर पूर्व सीएम अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। अखिलेश की उनसे नाराजगी होने के बारे में अमर सिंह ने बड़े ही तीखे शब्दों में अखिलेश यादव पर हमला किया।

23 जून 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen