कबाड़ी को बेची सरकारी स्कूलों की किताबें

Badaun Updated Thu, 17 May 2012 12:00 PM IST
बदायूं। सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए बंटने को आई किताबें रद्दी के भाव कबाड़ियों को बेची जा रही हैं। इसका खुलासा बुधवार को तब हुआ जब दो साइकिल ट्रालियों पर लादकर लगभग छह क्विंटल किताबें कबाड़ी के यहां ले जाई जा रही थीं। इसकी सूचना पर एडीएम प्रशासन ने सिटी मजिस्ट्रेट और जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजा। दोनों अधिकारियों ने बीच रास्ते में ही किताबें पकड़ लीं। उन्होंने किताबें सिविल लाइन थाना पुलिस की अभिरक्षा में दे दीं। मामले की जांच बेसिक शिक्षा अधिकारी को दी गई है।
मामला बुधवार की दोपहर लगभग 12 बजे का है। बाल श्रम के परियोजना कार्यालय से कक्षा चार-पांच की किताबें नेहरू चौक स्थित एक कबाड़ी की दुकान पर बेच दी गई थीं। इन किताबों की कीमत पांच हजार रुपये कबाड़ी ने लगाई थी। कबाड़ी ने एक रिक्शा चालक जाकिर से यह किताबें अपने दुकान पर मंगवाई थी। रिक्शा चालक किताबें लेकर जैसे ही चला तो बोरों के अलावा उसमें कुछ खुली किताबें लदी देख लोगों ने एडीएम को जानकारी दी। एडीएम के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट जमीर आलम और डीआईओएस सुशीला अग्रवाल ने रिक्शे को बीच रास्ते में ही पकड़ लिया। रिक्शा चालक जाकिर ने बताया कि नेहरू चौक पर एक कबाड़ी की दुकान पर किताबें ले जा रहा था। उसका रिक्शा बुकिंग के लिए यहां आया था। उसका दोष नहीं है। इतनी बात सुनकर अधिकारियों ने किताबें सिविल लाइन पुलिस की अभिरक्षा में दे दीं। इसके बाद परियोजना कार्यालय के कर्मचारी आफिस के ताला लगाकर चलते बने।
मालूम हो कि पिछले साल सर्व शिक्षा अभियान के तहत कक्षा एक से आठ तक के बच्चाें को बंटने के लिए किताबें आई थीं। बाल श्रम स्कूलों में किताबें दिए जाने के लिए श्रम विभाग को किताबें भेजी गई थीं। इन्हें बाल श्रम परियोजना कार्यालय में रखा गया था। बताया जाता है कि कुछ ही बच्चों को यह किताबें बांटी गई थीं। बची हुई किताबों की जानकारी बेसिक शिक्षा विभाग को दी जानी थी, लेकिन नहीं दी गई। शिक्षा विभाग ने भी इन किताबों के उपभोेग की जानकारी शासन को भेज दी। जबकि किताबें हजारों की संख्या में यहां बची हुई थीं।

सरकारी स्कूलों की पकड़ी गई किताबें सिविल लाइन पुलिस की अभिरक्षा में दे दी गई हैं। इसकी जांच के बाद दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।-जमीर आलम, सिटी मजिस्ट्रेट

किताबें श्रम विभाग के परियोजना कार्यालय से कबाड़ी को बेच दी गई थीं। रिक्शा चालक ने सबकुछ बयां कर दिया है। बीएसए को इसकी जांच सौंपी गई है।-सुशीला अग्रवाल, डीआईओएस

किताबें परियोजना कार्यालय के फील्ड अफसर सूरजपाल ने बेचीं हैं। किताबें पुरानी हो गई थीं और कोर्स भी बदल गया था। कार्यालय के पूरे स्टाफ को नोटिस जारी किया गया है। -केके सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी

Spotlight

Related Videos

VIDEO: जब सीएम शिवराज सिंह ने गुस्से में जड़ दिया अपने बॉडी गार्ड को थप्पड़

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा एक व्यक्ति को थप्पड़ मारने का मामला सामने आया है।

16 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper