तीन नर्सिंगहोम पर स्वास्थ्य विभाग की टीम का छापा

Badaun Updated Thu, 17 May 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। आए दिन मिल रहे कन्या भ्रूण हत्या के मामले को लेकर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर के नर्सिंग होम्स पर छापा मारा। इस दौरान किसी नर्सिंगहोम पर डिलीवरी रजिस्टर मेेंटेन नहीं मिला तो कहीं पर फार्म एफ अधूरा मिला। इस फार्म में अल्ट्रासाउंड कराने वाले मरीजों का ब्योरा होता है। उसमें अल्ट्रासाउंड का कारण, क्या बीमारी थी आदि का उल्लेख किया जाता है। जिन नर्र्सिंग होम में गड़बड़ी मिली है उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे।
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विदित हो कि एक सप्ताह पूर्व शहर के एक नर्सिंग होम पर कन्या भ्रूण हत्या का मामला प्रकाश में आया था। इस मामले में तीन चिकित्सक लिप्त हैं। साक्ष्य के आधार पर मिली सीडी की जांच में यह दोषी मिले हैं। इस प्रकरण को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया और इस नर्सिंग होम पर छापा डाला गया। तमाम कमियां मिलीं। इस प्रकरण के खुलासे के बाद शहर में दो और कन्या भ्रूण पुलिस को मिले। लगातार हो रही कन्याओं की हत्या को लेकर पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों ने योजना बनाई और बुधवार से छापामार कार्रवाई शुरू की। हालांकि पुलिस और प्रशासन के अधिकारी छापे में शामिल नहीं हो सके। सीएमओ की तीन सदस्यीय टीम ने छापामार कार्रवाई की।
टीम सबसे पहले सीमा सरन नर्सिंग होम पहुंची। यहां टीम ने सभी अभिलेख बारीकी से देखे। अल्ट्रासाउंड इस केंद्र पर कम होते हैं। इसलिए टीम को कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं मिली। कुछ कमियों को सुधार के आदेश दिए गए। वर्मा नर्सिंग होम पर डिलीवरी के अलावा दो अन्य रजिस्टर मेेेंटेन नहीं मिले। यहां फार्म एफ पूर्ण मिला। इसके अलावा मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल की जानकारी ली तो उन्होंने सब दुरुस्त बताई। टीम ने इन दोनों नर्सिंग होम पर अल्ट्रासाउंड करने वाले चिकित्सकों के शैक्षिक अभिलेख देखे, जो सही मिले। चिकित्सकों के पास अनुभव प्रमाण पत्र मिला। सकरी क्लीनिक पर रेडियोलोजिस्ट की तैनाती है। फार्म एफ अपूर्ण मिला, जो बड़ी गड़बड़ी है। कई अन्य रजिस्टर भी नहीं मिले। टीम में डॉ. प्रभाकर बंधु, डॉ. रंजना अग्रवाल, संजीव शामिल रहे।
सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह ने बताया कि कुछ गड़बड़ियां मिली हैं। उनको नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा। निर्धारित समय तक सुधार नहीं किया गया तो संचालकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इन केंद्रों पर कन्या भ्रूण हत्या जैसे किसी मामले की पुष्टि नहीं हुई है। डॉ. बंधु का कहना है कि छापामार अभियान लगातार जारी रहेगा। जहां कमियां मिलेंगी उनके खिलाफ कार्रवाई तय है।
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