कन्या भू्रण हत्या में लिप्त चिकित्सकों पर कार्रवाई के लिए दिया ज्ञापन

Badaun Updated Wed, 16 May 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। कन्या भू्रण हत्या के मामले में आरोपी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर उत्तर प्रदेश अमन कमेटी के पदाधिकारियों में रोष है। उन्होंने मंगलवार को डीएम को संबोधित ज्ञापन एडीएम प्रशासन को दिया। ज्ञापन में विभागीय कार्रवाई करते हुए नर्सिंग होम को सील किया जाए।
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कमेटी अध्यक्ष संजय सिंह गौर ने ज्ञापन में कहा है कि शहर के प्रतिष्ठित गुप्ता नर्सिंग होम के संचालकों डॉ. सुनीति गुप्ता, डॉ. सुरेश गुप्ता और डॉ. रितुज चंद्रा के खिलाफ एडवोकेट गजेंद्र प्रताप सिंह ने साक्ष्य जुटाकर एक केस दर्ज कराया है। उसके बाद सीएमओ की टीम ने छापा मारकर तमाम कमियां पकड़। यहां रेडियोलोजिस्ट की डिग्री भी किसी के पास नहीं मिली। उन्होंने कहा है कि सीडी में आई स्पेशलिस्ट को अल्ट्रासाउंड करते हुए दिखाया गया है। सीडी के आधार पर डॉ. सुनीति भू्रण भू्रण हत्याएं करने का कारखाना खोले बैठी हैं। तमाम सुबूतों के बावजूद आरोपी चिकित्सकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आए दिन कन्याओं के मिल रहे भू्रण पर भी रोष जताया है।
ज्ञापन पर अनुज कुमार, अंकित सिंह, अजय सिसौदिया, सतेंद्रपाल सिंह, ओंकार सिंह यादव के हस्ताक्षर हैं।
सीबीसीआईडी से जांच की मांग
बदायूं। शेरनी संस्था की संस्थापक डा. लता मिश्रा ने जारी विज्ञप्ति में कहा है कि लावरिस मिल रहे कन्या भ्रूण के मामले की निंदा की है। कहा है कि इसमें माताएं भी दोषी हैं। एक नर्सिंग होम के संचालक पर भू्रण लिंग परीक्षण करने के आरोप लगे हैं। इसकी जांच प्रशासन तो कर रहा है, लेकिन दोषी को ही सजा मिले, निर्दोष को नहीं। उन्होंने इस मामले की सीबीसीआईडी अथवा सीबीआई से जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सक ईश्वर के प्रतिरुप होते हैं। प्रत्येक व्यक्ति उनके सामने नतमस्तक रहते हैं, लेकिन चंद रुपयों की खातिर अजन्मी बालिकाओं की हत्या करने वाले, करवाने वाले अथवा दहेज हत्या वाले बराबर के दोषी हैं।
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