पुलिस फोर्स का गांव में छापा, नहीं मिला कोई आरोपी

Badaun Updated Tue, 15 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

दातागंज (बदायूं)। शेरपुर गांव में बारात चढ़ने को लेकर हुए बवाल में नामजद आरोपियों की तलाश में कई थानों की पुलिस के साथ सीओ ने गांव में छापा मारा लेकिन एक भी आरोपी नहीं मिला। भारी पुलिस फोर्स को देखकर गांव के बड़ी संख्या में लोग कटरी भाग गए।
विज्ञापन

बात दें कि चार मई को हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव शेरपुर में दलित मिश्रीलाल की लड़की की बारात आई हुई थी। बारात चढ़ते समय ट्रैक्टर-ट्रॉली पर बने स्टेज पर नर्तकियां डांस कर रही थी। मिश्रीलाल के चचेरे भाई ठकुरी समेत गांव के कुछ लोगों ने रात 11 बजे तक बारात को आगे नहीं बढ़ने दिया। इसकी शिकायत मिश्रीलाल ने ग्राम प्रधान मोरपाल यादव को तो उन्होंने आकर बारात को आगे बढ़ने का प्रयास किया। इसी को लेकर ठकुरी और मोरपाल में मारपीट हो गई। उस समय मोरपाल अकेले होने के कारण पिट गए। इसकी जानकारी पड़ोस के गांव हर्रामपुर के मोरपाल के रिश्तेदारों को हुई तो वे अन्य लोगों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली से गांव में आए और उन्होंने ठकुरी के लड़के को पीट दिया। इसी आपाधापी में ठकुरी की झोपड़ी में भी किसी ने आग लगा दी। यह मामला तूल पकड़ गया और प्रधान सहित 16 लोगों के खिलाफ दलित उत्पीड़न और आगजनी का मामला पुलिस ने दर्ज कर लिया। इधर, इस कांड की मजिस्ट्रेटी जांच का भी आदेश हो गया। एसडीएम दातागंज आरपी कश्यप ने इसकी जांच की। नामजद आरोपियों की तलाश में सीओ वीके सिंह ने रविवार की रात पांच थानों की पुलिस और पीएसी की मदद से शेरपुर गांव में छापा मारा लेकिन कोई हाथ नहीं लगा। इतनी फोर्स देख गांव के लोग भयभीत हो गए। आरोपी और उनके परिजन सहित उनके परिचित गांव छोड़कर फरार हो गए।
बन गई वर्चस्व की लड़ाई
दातागंज। शेरपुर गांव के अधिकांश लोग प्रधान मोरपाल को गलत नहीं बता रहे हैं। उन्होंने तो गरीब तबके की बारात को चढ़ने में मदद की थी। दूसरे, लड़ाई मिश्रीलाल और ठकुरी के बीच शुरू हुई, जिसे पूर्व व वर्तमान प्रधान ने वर्चस्व की लड़ाई बना दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us