-एनआरएचएम कर्मचारियों का नहीं हुआ नवीनीकरण

Badaun Updated Sat, 12 May 2012 12:00 PM IST
बदायूं। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के तहत रखे गए संविदा कर्मचारियों का दो माह बीतने के बाद भी नवीनीकरण नहीं हो सका है। इसके कारण ग्रामीण इलाकों की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। इलाज को लोग जिला मुख्यालय दौड़ लगा रहे हैं। इन कर्मचारियों को चार माह का मानदेय भी नहीं दिया गया। इससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। स्वास्थ्य महकमे के अफसर आदेश न आने का रोना रो रहे हैं।
विदित हो कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए एनआरएचएम योजना का शुभांरभ किया गया था। इसकी तमाम घटक योजनाएं भी हैं। जिनके संचालन के लिए ग्रामीण इलाकों के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर संविदा के लगभग 50 कर्मचारी रखे गए थे। इसमें जेंटल सर्जन, स्टाफ नर्स, एमबीबीएस चिकित्सक आदि शामिल हैं। इन कर्मचारियों को एक साल के लिए रखा जाता है। 31 मार्च को संविदा पूरी होने के बाद उनका नवीनीकरण होता है। पिछले साल तक इनका नवीनीकरण होता रहा, लेकिन इस बार पेंच फंसा हुआ है। पिछले साल दिसंबर से मार्च तक का मानदेय भी नहीं दिया गया है।
कर्मचारियों का कहना है कि एक तो मानदेय नहीं दिया गया और दूसरा नवीनीकरण नहीं किया गया। इससे आर्थिक संकट के साथ मानसिक तनाव भी हो रहा है। इन कर्मचारियों से 31मार्च के बाद काम नहीं लिया जा रहा है। इससे ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। कई केंद्र तो ऐसे थे जो इन्हीं कर्मचारियों के बलबूते चलते थे। अब मरीजों को जिला मुख्यालय दौड़ लगानी पड़ रही है।
सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह का कहना है कि नवीनीकरण के लिए आदेश नहीं मिले हैं और न ही गाइड लाइन। आदेश मिलने के बाद ही इन कर्मचारियों का नवीनीकरण हो सकेगा। मानदेय के लिए मांगपत्र भेजे जा चुके हैं। रकम मिलने पर ही यह दिया जाएगा।

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