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निर्मल गांवों में नहीं होगा पानी का संकट

Badaun Updated Thu, 10 May 2012 12:00 PM IST
बदायूं। अब निर्मल गांवों में पेयजल का संकट नहीं होगा। शहर की भांति वहां भी पाइप पेयजल योजना शुरु होने जा रही है। केंद्र सरकार की इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए जल निगम ने सर्वे शुरु कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस योजना का लाभ लगभग 60 हजार लोगों को मिल सकेगा। योजना पर 35 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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जिले में निर्मल गांवाें की संख्या 12 है। इन गांवों के प्रतिनिधियों को अवार्ड मिल चुका है। यहां स्वच्छता अभियान चलाया गया था। गांव में गंदगी न होने का अफसरों का दावा है। इसके अलावा अन्य बिंदुओं को इसमें शामिल किया गया है। निर्मल गांव की श्रेणी में आने के बाद केंद्र सरकार इन्हें हर सुविधाएं देने जा रही है। सर्वप्रथम बुनियादी सुविधाएं। इसी के तहत पेयजल की समस्या दूर करना है।
वर्ष 2009-10 में छह गांवों को निर्मल घोषित किया गया था। इसमें ब्लाक आसफपुर का गांव जैतपुर, जगत का सिमरिया, उसावां का वसुंधरा, म्याऊ का गौरामई, इसी ब्लाक का सैदपुर और उझानी ब्लाक का गांव भरकुइया शामिल हैं। वर्ष 2010-11 में भी इतने ही गांवों का चयन हुआ। इसमें आसफपुर ब्लाक का गांव दौलतपुर, अंबियापुर का सहसपुर, उझानी का छतुइया, जगत का आमगांव, म्याऊ का बिलहरी और कादरचौक ब्लाक का गांव इस्माइलपुर शामिल हैं।
इन गांवों में जल निगम ओवर हेडटैंक बनाएगा। इसके लिए जमीन ग्राम सभा मुहैया कराएगी। मकानों का सर्वे होगा। घर-घर तक पाइप लाइन पहुंचाई जाएगी। बताया जाता है कि एक गांव पर लगभग तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है। इसका निर्माण जुलाई माह में शुरु होगा। जल निगम के एक्सईएन डीपी सिंह ने बताया कि निर्मल गांव में पाइप पेयजल योजना शुरु होगी। इसके लिए सर्वे शुरु हो गया है।

अन्य गांवों में भी चलाई जा रही योजना
पांच हजार की आबादी वाले गांवों में पानी की समस्या दूर करने की योजना पहले से ही चल रही है। इस योजना के तहत दो दर्जन से अधिक गांवों में ओवरहेड टैंक बनाने का काम जारी है। यह योजना वर्ष 2010 से चल रही है।

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