बारिश होगी, तो भागेगी पुलिस

Badaun Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
अभिषेक सक्सेना
बदायूं। जनता की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार पुलिसवालों को अपनी सुरक्षा करना ही मुश्किल दिख रहा है। कई चौकियाें की हालत देखकर इसका आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है, अधिकांश के भवन खस्ताहाल हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में जब बारिश होगी तब तो पुलिसकर्मी चौकी के बजाय बाहर ही भागते नजर आएंगे। यहां तक कि कुछ चौकियां खंडहरों में तब्दील हो चुकी हैं। खस्ताहाल चौकियों के भवन गिरने और बैठने की समुचित व्यवस्था न होने के चलते यहां तैनात दरोगा और सिपाही भी यहां बैठने से कतराते हैं। अधिकारियों का कहना है कि चौकियों की जीर्णोद्धार के लिए फिलहाल प्रस्ताव भेजा गया है लेकिन धन नहीं मिला।
ये हैं खस्ताहाल पुलिस चौकियां
सोथा चौकी
- अंग्रेजी हुकूमत में बनी यह चौकी काफी ऊंचाई पर बनी है। ताकि मिश्रित आबादी वाले इस इलाके की निगेहबानी हो सके। लेकिन वर्तमान में यह चौकी खंडहर में तब्दील हो चुकी है। ऐसे में यहां तैनात स्टाफ केवल इलाकेमें गश्त करता है।
नई सराय पुलिस चौकी
शहर के मध्य में बनी इस चौकी में वैसे तो सब ठीकठाक है लेकिन बरसात के दिनों में यहां की छत टपकने लगती है। ऐसे में दिन तो दिन रात में भी यहां सिर छुपाने की कोई व्यवस्था नहीं है। वहीं पुलिसकर्मियों को छत गिरने से होने वाले हादसे की आशंका भी सताती रहती है।
बाबूराम मार्केट चौकी में लटका ताला
स्टेशन रोड स्थित बाबूराम मार्केट पुलिस चौकी में अव्यवस्थाओं के चलते कई साल पहले ताला लटक गया था। इस चौकी का जीर्णोद्धार तो नहीं हो सका लेकिन महकमे के अधिकारियों ने संवेदनशील स्थान रोडवेज बस स्टैंड पर अस्थाई रूप से यह चौकी बना दी।
जवाहरपुरी चौकी का भवन भी जर्जर
बरेली मार्ग पर स्थित जवाहरपुरी पुलिस चौकी कई दशक पुरानी है। इसका भवन जर्जर हालत में पहुंच चुका है। जैसे-तैसे पुलिसकर्मी यहां ठहरे हुए हैं। चूंकि चौकी सड़क से नीची है ऐसे में बारिश के दिनों में यहां जलभराव की स्थिति बन जाती है। इनके अलावा मालवीय गंज पुलिस चौकी, सरकारीगंज चौकी भी बदहाल हैं। हालांकि पिछले दिनों मीराजी चौकी का निर्माण करा दिया गया था। इस जमीन को बंधनमुक्त कराने में तत्कालीन कोतवाल यशवीर सिंह का काफी सहयोग रहा था।

थानों की वार्षिक मरम्मत का धन आया है। इससे थानों की मरम्मत का काम शुरू करवाने की योजना है। चौकियों के जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
केके सिंह चौहान, आरआई

Spotlight

Related Videos

संजू की शोहरत के साइडइफेक्ट्स, कलंक में अब ये हीरो होगा मेन लीड में

संजय दत्त जेल से छूटे थे तो किसी को अंदाज़ा भी नहीं रहा होगा कि उनकी बायोपिक का सिर्फ ट्रेलर आते ही पब्लिक उन्हें सिर आंखों पर बिठा लेगी।

20 जून 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen