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अभी सपना बना आय-जाति प्रमाणपत्र का मिलना

Badaun Updated Sun, 06 May 2012 12:00 PM IST
बदायूं। चार साल का लंबा वक्त गुजर जाने के बाजवूद ग्रामीणों के लिए गांव में ही आय-जाति प्रमाणपत्र पाना अभी तक मुमकिन नहीं हो सका है। गांव स्तर पर प्रस्तावित जनसुविधा केंद्रों को बनाने की दिशा में अभी तक कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। इस व्यवस्था के तैयार न होने से ग्रामीण मायूस हैं।

गांव में ही जाति-आय प्रमाणपत्र के साथ ही खसरा-खतौनी व शिकायत दर्ज कराने के लिए करीब चार साल पहले जनसुविधा केंद्र खोलने की तैयारी सरकार ने की थी। यह केंद्र आधा दर्जन गांव पर खोलने का प्रस्ताव था, ताकि ग्रामीणों को तहसील व जिला मुख्यालय तक न दौड़ लगानी पड़ी। बताते हैं कि इन जनसुविधा केंद्रों को खोलने के लिए दिल्ली की एक संस्था को यह काम शुरू कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन बाद में इस संस्था के हाथ पीछे कर लेने के बाद बंगलुरू की एक संस्था को काम दिया गया है। जिलेभर में करीब पौने तीन सौ जनसुविधा केंद्र खोले जाने थे। मगर, अभी तक इन जनसुविधा केंद्र को खोलने की दिशा में कोई तैयारी नहीं की गई है। ऐसे में लोगों को गांव में ही खसरा-खतौनी और जाति व आय प्रमाणपत्र मिलना मुमकिन नहीं हो पा रहा है।


जनसुविधा केंद्र बनाने के लिए शासन के निर्देश का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद ही इस दिशा में कोई तैयारी की जाएगी।
दिव्य कुमार गिरि, एडीएम प्रशासन

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