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घायल विजेंद्र की हालत तीसरे दिन भी नाजुक, जांच सीओ को

Badaun Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
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उझानी(बदायूं)। पुलिस की पिटाई से विजेंद्र के घायल होने के आरोप के बीच पूरे प्रकरण में नया पेच आ गया है। पुलिस की मानें तो विजेंद्र की पिटाई उसके मौसेरे भाई सत्यभान ने की। मामला भी ऐसा ही दर्ज किया गया। जबकि बरेली के एक अस्पताल में विजेंद्र का इलाज करा रहे पिता बलवंत का कहना है कि जांच निष्पक्ष हो तो आरोपी दोनों सिपाहियों की कलई खुल जाएगी।
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यह मामला तीन मई का है। कोतवाली क्षेत्र के गांव भवानीपुर निवासी बलवंत के पुत्र विजेंद्र ने दिल्ली में रहने वाले गांव के ही चंद्रभान के खेत के गेहूं की गहाई की थी। बताते हैं कि भूसा विजेंद्र का मौसेरा भाई ले गया। बकौल बलवंत- मामला पुलिस में पहुंचा तो कछला चौकी के दो सिपाहियों ने विजेंद्र की पिटाई की। गंभीर रूप से घायल विजेंद्र का बरेली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इस बीच बलवंत की ओर कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट पर गौर करें तो मारपीट में सत्यभान समेत उसके भाई को नामजद कराया जा चुका है। दोनों नामजद घायल विजेंद्र के मौसेरे भाई हैं। इसके विपरीत विजेंद्र की मां शांतिदेवी ने तहरीर की जोर प्रति सार्वजनिक की, उसमें पिटाई का आरोप कछला चौकी के दो सिपाहियों पर है। बताते हैं कि मामले को रफादफा करने के लिए जोड़तोड़ चल रही है। कुछ लोग इसी सिलसिले भी शुक्रवार को बरेली भी गए।

बात कुछ भी नहीं है। सत्यभान और विजेंद्र में मारपीट हुई। विजेंद्र घायल हो गया। रिपोर्ट भी दर्ज कर ली गई लेकिन मौके पर जब कछला चौकी के दो सिपाही पहुंचे तो उन पर आरोप लगाए जाने लगे। सच्चाई का पता चल चुका है।
-एके सिंह कोतवाल, उझानी

ग्रामीण की पिटाई की जांच सीओ को सौंपी
बदायूं। एसपी सिटी पियूष श्रीवास्तव ने बताया कि बलवंत की तहरीर पर चंद्रभान समेत दो लोगों केखिलाफ मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं सिपाहियों द्वारा पिटाई के मामले की जांच सीओ उझानी एमएस राणा को सौंपी गई है।

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