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बेसिक स्कूलों के शौचालय निर्माण में हो रहा घपला

Badaun Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
सुशील कुमार
बदायूं। बेसिक स्कूलों के शौचालय निर्माण में घपला जारी है। पुराने की मरम्मत कर कागजों में नया दिखाया जा रहा है। निर्धारित 70 हजार रुपये की रकम एक स्कूल में निर्माण के लिए मिली है, पर अधिकारी इसे कम बता रहे हैं। इसलिए यह मरम्मत में काम आ रही है। 2840 परिषदीय विद्यालयों में से महज 149 स्कूलों में शौचालय दोबारा बने हैं। अधिकांश में पानी के टैंक नहीं रखे गए। जहां रखे हैं वहां पानी की व्यवस्था नहीं है। स्कूल समय में जब बच्चों को शौच जाना होता है तो वह घरों के लिए दौड़ लगाते हैं। शिक्षा विभाग और जिला पंचायत राज विभाग की सफाई है कि सभी बच्चों को लाभ मिल रहा है। जहां घपले की शिकायत मिलती हैै वहां जांच कराई जाती है।
ग्राम पंचायतें करा रही हैं शौचालय निर्माण
प्राइमरी और उच्च प्राइमरी स्कूलों में बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए जाने हैं। इसके लिए 70 हजार रुपये शासन से मंजूर हुए हैं। ग्राम पंचायतें यह कार्य करा रही हैं। पहले सर्व शिक्षा अभियान के तहत शौचालय बनाए गए थे, लेकिन वह जर्जर होे गए हैं। शौचालय में टाइल, वाशबेसिन बनाए जाने थे। ऊपर पानी का टैंक रखा जाना था। पानी चढ़ाने की व्यवस्था होनी थी, लेकिन यह सुविधा अभी तक मुहैया नहीं हो पाई।
इन विद्यालयों में नहीं हैं शौचालय
बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार जिलेे के 55 विद्यालय शौचालय विहीन हैं। इसमें ब्लाक जगत का एक, उसावां के सात, म्याऊ, समरेर, सालारपुर, गुन्नौर पांच-पांच, रजपुरा तीन, कादरचौक दो, दहगवां 19, वजीरगंज एक, उझानी ब्लाक के तीन स्कूल शामिल हैं। बाकी में शौचालय हैं, पर जर्जर हाल में हैं।
पानी के टैंक नहीं तो कहीं टूटे हुए
कादरचौक संवाददाता के अनुसार परिषदीय स्कूल निजामपुर में शौचालय वर्षों से गंदा पड़ा है। बिचौला स्कूल में रखी गई पानी की टंकी तोड़ दी गई। गौरामई का शौचालय भवन गिर गया है, जोे तालाब में पड़ा है। भदसिया स्कूल में पानी का टैंक नहीं रखा गया। आसफपुर प्रतिनिधि के अनुसार उच्च प्राथमिक स्कूल नहडोली में शौचालय बना ही नहीं। प्राथमिक स्कूल मुंशीनगला, परमानंदपुर, बरगवां, सिरसावा, अल्लापुरखुर्द, किसनपुर समेत अन्य विद्यालयों में शौचालय टूट गए हैं।
यहां उठे सवाल
दहेमी गांव निवासी मुनेंद्र देव सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग को कादरचौक, बिसौली क्षेत्र के आधा दर्जन विद्यालयों की सूची गुरुवार को सौंपी है जिनमें घपला हुआ है। इनकी मरम्मत की गई है, जबकि उनका निर्माण नए तरीके से होना दिखाया गया है। इन विद्यालयों में टाइल लगाई ही नहीं गई और रकम खर्च दिखाई गई है।
क्या कहते हैं प्रधानाध्यापक-
शौचालय से आती है दुर्गंध

प्राथमिक स्कूल निजामपुर की प्रधानाध्यापक रसूल फात्मा का कहना है कि शौचालय गंदा होने के कारण प्रयोग नहीं लाया जा रहा है। कोई सफाई कर्मी नहीं है। इससे दुर्गंध भी आती है।

तोड़ दिया गया टैंक

प्राथमिक स्कूल बिचौला की प्रधानाध्यापक मुनीर फात्मा का कहना है कि टैंक रखा था, लेकिन ग्रामीणों ने तोड़ दिया है। इसलिए पानी शौचालय तक नहीं पहुंच रहा है।

बच्चों को होती है दिक्कत

प्राथमिक स्कूल भदसिया के शिक्षक श्यामा चरन का कहना है कि टैंक अंदर रखवाया गया है। लोग बाहर रहने पर गंदा करते हैं। बच्चों को शौच के लिए दिक्कत तो होती ही है।


प्राथमिक स्कूल कादरचौक प्रवीण कुमार का कहना है कि शौचालय जीर्णशीर्ण है। कई बार सही करवाने को कहा गया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। बच्चे शौच आने पर घर दौड़ते हैं। इससे पढ़ाई भी प्रभावित होती है।

149 विद्यालयों में शौचालय दोबारा बन गए हैं। बाकी स्कूलों में कार्य ग्राम पंचायतें इस्टीमेट के बाद कराएंगी। निर्धारित रकम कम पड़ रही है। रही घपले की बात तो इसके लिए सत्यापन कराया जा रहा है, जहां ऐसा मामला आएगा तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-आरएस चौधरी, डीपीआरओ

पहले सर्व शिक्षा अभियान के तहत शौचालय बने थे। अब जिला पंचायत राज विभाग बना रहा है। जिन विद्यालयों में नहीं हैं उनकी सूची विभाग को भेजी गई है। शीघ्र ही निर्माण भी शुरू हो जाएगा।-मंजुलता, डिप्टी बीएसए

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