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पुष्कर और प्रतिभा ने किया बदायूं का नाम रोशन

Badaun Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
बदायूं। बदायूं जिला भले ही शैक्षिक दृष्टि से पिछड़ा हो, लेकिन यहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है। इसी कड़ी में पुष्कर कथूरिया और प्रतिभा पाल शामिल हैं। पुष्कर ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में 293 वीं रैंक हासिल की है और प्रतिभा ने 160वीं। उनका कहना है कि सच्ची लगन और कड़ी मेहनत से सफलता मिलती है।
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पुष्कर शहर के विजयनगर कालोनी निवासी सीताराम कथूरिया के पुत्र हैं। पिता एसके इंटर कालेज में गणित प्रवक्ता हैं। माता सुषमा कथूरिया राजाराम महिला इंटर कालेज में प्रधानाचार्य हैं। पुष्कर ने हाईस्कूल की पढ़ाई क्रिश्चियन हायर सेकेंड्री स्कूल बदायूं से 1996 में 85 फीसदी अंक के साथ और इंटर की परीक्षा 1998 में एसके इंटर कालेज में 82 फीसदी अंक पाकर की थी। दोनों परीक्षाओं में जिला टॉपर रहे थे। स्नातक (बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग)की पढ़ाई राजस्थान के पिलानी स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी साइंस से वर्ष 2002 में और इसी संस्थान से 2004 में मास्टर और इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। उसके बाद से बैंगलोर स्थित इंफोसिस कंपनी में टेक्नोलॉजी लीड के पद पर काम कर रहे हैं।
पुष्कर का कहना है कि यह मेरा तीसरा अटेंप्ट था। सबसे पहले वर्ष 2009 में सिविल सेवा की परीक्षा दी, लेकिन साक्षात्कार में रैंक नहीं मिल पाई। वर्ष 2010 में भी यही हाल रहा, लेकिन पुष्कर ने हार नहीं मानी। तीसरी बार 2011 में एक्जाम दिया और सफलता मिल गई। उन्होंने बताया कि माता-पिता के अलावा शिक्षक राजेंद्र सक्सेना, संदीप भारती से सीख मिली। हर समस्या का हल उनके पास है। मैंने हाईस्कूल पास करते ही सोच लिया था कि आईएएस बनूंगा। मुझे लक्ष्य मिल गया है।
उन्होंने बताया कि टाइम टेबल के अनुसार निर्धारित समय तक पढ़ाई की थी। अखबार इसमें सहायक रहा। कंप्टीशन बुक्स पढ़ीं थीं। एक साल बैंगलोर में एक साल कोचिंग ली। पत्नी प्रियंका ने भी मेेरा पूरा साथ दिया। उन्होंने बताया कि पूरी ईमानदारी से जनता की सेवा करुंगा। माता सुषमा कथूरिया का कहना है कि हर मां-बाप का सपना होता है कि उनका बेटा सपना पूरा करे, जो मेरे बेटे ने किया है। हर बच्चे को अपने माता-पिता का सपना पूरा करना चाहिए। पिता भी इस सफलता से गदगद हैं। घर पर बधाई देने वालाें का तांता लगा है।
प्रतिभापाल पालनगर निवासी शिक्षक जगन्नाथ प्रसाद शास्त्री की पुत्री हैं। प्रतिभा ने हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा प्रथम श्रेणी से राजकीय कन्या इंटर कालेज बदायूं से उत्तीर्ण की है। राजकीय महाविद्यालय बदायूं से स्नातक की परीक्षा पास की। प्रतिभा का कहना है कि इसका श्रेय माता-पिता को जाता है। दिल्ली मुखर्जी नगर में रहकर एक साल इसकी कोचिंग भी ली थी। यह सफलता तीसरी बार में हासिल हुई है।
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