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कोई पेंशन को तरस रहा, तो कहीं लाखों के वारे-न्यारे

Badaun Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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मुन्नालाल गुप्ता
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दातागंज। कोई पेंशन को तरस रहा है तो किसी के नाम पर लाखों के वारे-न्यारे हो रहे हैं। ऐसा ही एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। विधवा भरण पोषण अनुदान योजना के नाम पर यह खेल हुआ है। जिसके नाम से यह चेक भुनाया गया है उन्हें महज पांच सौ से हजार रुपये ही मिले हैं। इसका खुलासा एसबीआई शाखा के बैंक मैनेजर ने ही किया है। 6.71 लाख रुपये सरकारी रकम निकाली गई है। हैरत तो ये है कि जिस विभाग के अधिकारी का कवरिंग लेटर लगाकर यह रकम कैश हुई है उन्होंने इस योजना के अस्तित्व को ही नकार दिया है हालांकि यह ड्राफ्ट विभाग द्वारा ही बदायूं में बनवाया गया था।
यह है मामला
मामला एसबीआई शाखा दातागंज का है। यहां 20 अप्रैल को 6 लाख 71 हजार का ड्राफ्ट संख्या 683787 कैश होने के लिए पहुंचा। साथ में लगे कवरिंग लेटर पर तीन लोगों के नाम एक निशा देवी पत्नी पप्पू निवासी बमनपुरा, उर्मिला देवी पत्नी रामप्रसाद और संता देवी पत्नी अजयपाल निवासी गढ़िया शाहपुर है। इनके खाते में यह रकम 26 अप्रैल को हस्तांतरित हुई है। इनमें संता देवी अपने खाते से 27 अप्रैल को 2.10 लाख रुपये, उर्मिला देवी 28 अप्रैल को 2.30 लाख और निशा देवी दो मई को 2,31,400 रुपये कैश ले गईं।
ऐसे हुआ खुलासा
निशा देवी दो मई को रकम लेने बैंक पहुंची तो उन्होंने बैंक मैंनेजर बीके नारंग से कहा कि उसकी रकम बैंक में छिन सकती है। इसकी सुरक्षा उन्हें दी जाए। बैंक मैनेजर ने विश्वास दिलाया और उसे रकम दे दी। महिला के जाने के बाद इस पर बैंक मैंनेजर को शक हुआ। उन्होंने निशा समेत तीनों महिलाओं के नाम निकली रकम के बिल, बाउचर निकलवाकर देखे। बैंक मैनेजर बीके नारंग का कहना है कि इन तीनों महिलाओं के खाते तीन साल पुराने हैं। इनके खाते में 500 से अधिक रकम नहीं रही है।

उर्मिला को पांच सौ और संता को मिले एक हजार

गढ़िया शाहपुर निवासी उर्मिला देवी और संता देवी का कहना है कि गांव के ही जैनेंद्रपाल उनको बैंक में पेंशन की रकम निकलवाने ले गए थे। इसके बदले में उर्मिला को 500 और संता को एक हजार रुपये दिए हैं। यह जानकारी उन्होंने अमर उजाला संवाददाता को लिखित में दी है।

विधवा भरण पोषण अनुदान योजना हमारे विभाग से संचालित नहीं है। इतनी रकम का ड्राफ्ट जारी हुआ है इसको लेकर मैं खुद हैरत में हूं। ड्राफ्ट पर मेरे हस्ताक्षर नहीं हो सकते। इस मामले की जांच कराई जाएगी।-ज्ञानप्रकाश तिवारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी

हमारी बैंक शाखा में जिला प्रोबेशन अधिकारी के कवरिंग लेटर के साथ ड्राफ्ट लगाया गया था। यह ड्राफ्ट हमारी ही बैंक की मुख्य शाखा बदायूं से बना है। जिनके नाम ड्राफ्ट थे उन्हें रकम दे दी गई है। -बीके नारंग, बैंक मैंनेजर, एसबीआई शाखा दातागंज
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