बाईपास निर्माण में फंस रहे कई पेच

Badaun Updated Thu, 03 May 2012 12:00 PM IST
अनूप गुप्ता
बदायूं। शहर के बाईपास बनाने में अभी कई पेंच फंस रहे हैं। पहला यह की कि पिछले दो साल से बाईपास के लिए सर्वे ही नहीं पूरा हो पा रहा है। दूसरा, बाईपास के लिए जिस जगह पर जमीन प्रस्तावित है, उसे इर्द-गिर्द काफी आबादी बस चुकी है, जिससे प्रशासन को भूूमि अधिगृहण करने में कड़ी मशक्कत करनी होगी, जिसे देखते हुए बाईपास के जल्द बनने की संभावना भी कम नजर आ रही है।
वाहनों के शहर के बाहर से होकर निकलने के लिए अभी कोई बाईपास नहीं बना है। इसमें शहर के कई भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रक सहित अन्य बड़े वाहन दाखिल होते रहते हैं, जिससे जाम की समस्या तो खड़ी ही होती है, साथ ही इन वाहनों से हादसे की संभावना भी बनी रहती है। शहर में जाम की समस्या के स्थाई समाधान के लिए मुरादाबाद-फर्रुखाबाद मार्ग पर नौसेरा के पास बाईपास का निर्माण प्रस्तावित है। सर्वे की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग पर है। इस बाईपास के बन जाने से बरेली-मथुरा, बदायूं-दातागंज और बरेली-फर्रुखाबाद मार्ग के बड़े वाहन शहर में प्रवेश किए बगैर ही बाहर से निकल जाते, जिससे शहर में जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिल जाता। इधर, इस बाईपास के निर्माण में कई पेच फंस रहे हैं। एक तो सर्वे के काम में काफी विलंब हुआ है। दो साल हो चुके हैं, पीडब्ल्यूडी इसे अभी तक पूरा नहीं करा सका है। इसके अलावा जिस जगह पर प्रस्तावित बाईपास की जगह है, वहां आसपास काफी आबादी हो चुकी है, जिसे हटाने और जमीन का अधिग्रहण करने में प्रशासन को लंबी प्रक्रिया करानी पड़ेगी। कुल मिलाकर बाईपास का सपना अभी जल्द पूरा होने की संभावना कम नजर आ रही है।

शहर के इन इलाकों में लग रहा जाम
बाईपास न होने से शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रक सहित भारी वाहनों का प्रवेश रहता है। ऐसे में इंदिरा चौकी, पुरानी चुंगी, रेलवे कॉलोनी, कचेहरी रोड, लाबेला चौराहा सहित कई मुख्य सड़कों पर जाम अक्सर जाम लगा रहा है। जाम लगने से शहर के बाशिंदों को खासी परेशानी होती है।

करीब सवा अरब खर्च होने का अनुमान
पीडब्लूडी सूत्रों के मुताबिक इस बाईपास निर्माण में सवा अरब से ज्यादा का इस्टीमेट तैयार होगा। 45 मीटर के दायरे में बाईपास बनना है। यहां से 15.500 मीटर रोड का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। सर्वे के बाद पीडब्ल्यूडी रिपोर्ट डीएम को सौंपेगा। इसके बाद बाईपास निर्माण के लिए डीएम स्तर से शासन को लिखा-पढ़ी की जाएगी।

हैरान कर रहा बाईपास न होना

अभी तक शहर के बाहर बाईपास न बनना हैरत वाली बात है। इससे प्रशासनिक लापरवाही उजागर हो रही है, जो यहां के बाशिंदों के लिए बड़ी दिक्कत का सबब बनी हुई है।
संजीव शर्मा, सिविल लाइन

जाम की समस्या से नहींमिल रही राहत
बाईपास न होने से बड़े वाहनों का शहर के अंदर से ही होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे शहर में जाम की एक बड़ी समस्या बनी हुई है।
अमित पाराशरी, नई सराय

हादसों का बना रहता है खतरा

बड़े वाहनों के प्रवेश शहर में होने से हादसे का खतरा बना रहता है। ट्रक सहित अन्य बड़े वाहनों की चपेट में आने से आए दिन लोग घायल होते रहते हैं और कई को तो जान से भी हाथ धोना पड़ता है।
सुभाष शर्मा, पटियाली सराय

जल्द से जल्द होना चाहिए निर्माण

बाईपास के निर्माण में प्रशासन को तेजी दिखानी चाहिए। बाईपास बनने के बाद शहर की सड़कों पर जहां भारी ट्रैफिक कम होगा तो लोगों को आवागमन में काफी राहत मिलेगी।
संध्या खंडेलवाल, शिवपुरम

बाईपास निर्माण का सर्वे जल्द पूरा कराकर रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।
मयूर माहेश्वरी, जिलाधिकारी

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