लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   ›   छह माह से बेकार है ग्रामीण अभियंत्रण सेवा

छह माह से बेकार है ग्रामीण अभियंत्रण सेवा

Badaun Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
बदायूं। ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) के पास करीब छह माह से कोई काम नहीं है। विभाग ने अक्तूबर में ही वर्ष 2011-12 के काम पूरे कर लिए थे। उसके बाद विधानसभा चुनाव के दौरान सारे काम ठप हो गए। इधर, चुनाव बाद नई सरकार बनी लेकिन अभी तक नए काम शुरू करने संबंधित कोई निर्देश नहीं मिले हैं। ऐसे में आरईएस नई सरकार के नए रुख का इंतजार कर रही है। ऐसे में उसके पास काम कराने का अकाल पड़ा हुआ है।

आरईएस के पास अक्सर ग्राम पंचायतों में सीसी रोड, विधायक व सांसद निधि के कार्य होते हैं। वर्ष 2011-12 में आरईएस को जो काम कराने थे, उन्हें उसने अक्तूबर में खत्म कर दिए थे। विभाग ने इसके लिए तेजी इसलिए भी दिखाई, क्योंकि उसके बाद विधानसभा चुनाव होने थे। चुनाव की आचार संहिता के दौरान आरईएस ने कुछ अधूरे कामों को ही पूरा करा दिया। चुनाव बाद नई सरकार बनी, विभाग अब नए शासन के रुख को भांपने की कोशिश कर रहा है। हालांकि अभी तक आरईएस को सरकार से कोई निर्देश नहीं मिले हैं, इसलिए उसने प्रस्तावों के कोई इस्टीमेट भी तैयार नहीं किए जा रहे हैं। इन दिनों विभाग के पास कोई काम न होने से वह चैन की बंशी बजा रहा है। चिंता वाली बात यह है कि सरकार भले ही अभी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही, लेकिन इसमें जितना विलंब होगा, आगे वित्तीय साल के काम पूरा कराने में उतनी ही देर होगी।

तीन साल बाद फिर शुरू हो सकती है पीएमजीएसवाई
ग्रामीण इलाकों में सड़कों का जाल बिछाने के लिए बनाई गई प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) फिर से शुरू हो सकती है। करीब तीन साल से इस योजना के लिए कोई बजट जारी न होने से वह पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। वर्ष 2009-10 में आरईएस ने करीब सौ करोड़ की इस्टीमेट वाली सड़कों के प्रस्ताव भेजे थे। सूत्र बताते हैं पीएमजीएसवाई के दोबारा शुरू होने की संभावना को देखते हुए आरईएस वर्ष 2009-10 के प्रस्ताव के इस्टीमेट को संशोधित करा रहा है।

आमतौर पर इन दिनों वित्तीय साल के लिए नए प्रस्ताव तैयार हो जाते हैं, लेकिन इस बार शासन के नए निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।
हसनैन अहमद, अधिशासी अभियंता, आरईएस

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00