...यहां बिजली के तारों पर सूखते हैं कपडे़

Badaun Updated Mon, 01 Dec 2014 05:31 AM IST
कादरचौक। वोंदरी गांव में ट्रांसफार्मर पहुंच गया। बिजली लाइने बिछ गईं लेकिन 19 साल के लंबे अंतराल के बाद भी बिजली नहीं पहुंची है।
उझानी फीडर से जोड़कर ब्लाक क्षेत्र के गांव वोंदरी में 1995 में बिजली पहुुंचाए जाने की आश्वासन इस गांव के लोगों को सपना बन गया है। गांव में इसके लिए एक ट्रांसफार्मर भी रखा गया। गांव के राजू यादव, गजेंद्र, हरिओम, बृजेश यादव सहित कई लोगों ने कनेक्शन भी करा लिए़ लेकिन 19 साल बाद भी गांव में बिजली नहीं पहुच सकी है। अध्यापक बृजेश कुमार ने बिना बिजली पहुंचे दो बार बिल भी जमा कराया लेकिन बाद में इनके साथ ही गांव के अन्य लोगो ने कनेक्शन कटवा लिए। बिजली की लाइनें बिना बिजली के बदइंतजामी में जर्जर होने लगी हैं। ट्रांसफार्मर भी जंक लगने से खराब हो चुका है। अब गांव की इस लाइन पर महिलाएं कपड़े सुखाने के लिए उपयोग करती है।

एक किमी की लाइन को गवां दिए वर्षों
गांव में बिजली पहुंचाने के लिए फुलासी से जोड़ना था जिसकी दूरी मात्र एक किमी ही है। गांव में बिजली पहुंचाने के लिए यह दूरी बिजली विभाग 19 वर्षो में भी पूरी नही कर सका और ग्रामीण भी थक हार कर बैठ गए। ग्रामीणों में आज भी बिजली विभाग के प्रति आक्रोश जरूर है।
विधायक निधि से लग गई दस हाईमास्ट लाइटें
बिना बिजली के ही विधायक निधि से यहां 10 हाईमास्ट लाइटें लगा दी हैं। जो ग्रामीणों का मुंह चिढ़ाती नजर आ रही हैं। उस समय ग्रामीण भी आश्चर्य चकित रहे। बिना बिजली ये लाइटें नहीं जल सकी हैं।

यह प्रकरण मेरी जानकारी में नहीं है। उन्हें आए अधिक समय नहीं हुआ है। जानकारी कराके अपने अधिकारियों को इस संबंध में रिपोर्ट भेजूंगा। छैल बिहारी, एसडीओ उझानी

Spotlight

Related Videos

Super 30: 10 मिनट में देखिए देश और दुनिया की 30 बड़ी खबरें, फटाफट अंदाज में

सुपर 30 बुलेटिन में अमर उजाला टीवी आपके लिए लेकर आया 30 बड़ी खबरें, जो आपको सिर्फ 10 मिनट में दिखाई जाएंगी।

24 मई 2018

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen