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मुख्य स्नान आज, ककोड़ा मेला की ओर चला रेला

Badaun Updated Thu, 06 Nov 2014 05:30 AM IST

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जिला पंचायत अध्यक्ष ने किया मेला का उद्घाटन, गंगा पूजा भी की
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। रुहेलखंड के मिनी कुंभ के नाम से जाने, जाने वाले मेला ककोड़ा में मुख्य स्नान छह नवंबर को है। सुबह की परवी लेने के लिए श्रद्धालुओं के वाहन मेला की ओर दौड़ने लगे हैं। रोडवेज बस सेवा भी बुधवार को शुरू हो गई है। बरेली, पीलीभीत और कासगंज जिलों से आने वालों के टैंट मेला के पूरब में लगे हैं। मेला में कुर्मी बस्ती भी बस गई है। कासगंज के श्रद्धालु पहली बार कल्पवास को यहां पहुंचे हैं। पांच लाख से अधिक लोगों द्वारा मुख्य स्नान पर्व पर डुबकी लगाने की संभावना लगाई जा रही। इधर, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव ने मेला का बुधवार को फीता काटकर उद्घाटन किया। गंगा पूजन और गंगा आरती भी हुई। उद्घाटन के बाद सरकारी प्रदर्शनियों का उद्घाटन भी जिला पंचायत अध्यक्ष ने किया। उनके साथ उनके पति भारत सिंह यादव, एमएलसी जितेंद्र यादव, पूर्व विधायक महेश गुप्ता और जिला पंचायत के एएमए हरिपाल सिंह यादव, महावीर सिंह यादव, संजय शर्मा, हरिओम आदि शामिल रहे। सरकारी प्रदर्शनी का उद्घाटन भी उन्होंने किया। इसमें सर्व शिक्षा, अभियान, गन्ना विभाग, वन विभाग, निर्मल भारत, पंचायती राज, बाल विकास आदि की प्रदर्शनी लगी थीं। बाद में उन्होंने गंगा पूजन किया।
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गंगा महासभा की ओर से हुई आरती
गंगा तट पर गंगा महासभा की ओर से हर वर्ष होने वाली आरती हुई। इस आरती में घंटे-घड़ियाल भी बजे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा आरती का नजारा देखा और मां गंगा के जयकारे लगाए।
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मेला में भीड़ बढ़ने से भरपूर रौनक
मुख्य स्नान के लिए मेला ककोड़ा में श्रद्घालुओं की भीड़ का एकाएक बढ़ गई है। पुलिस और प्रशासन भीड़ को संभलने में जुट गया है। सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मेला डेरा जमा लिया है।
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रोडवेज का किराया नहीं बढ़ेगा
रोडवेज बस का किराया मेला के लिए किराया 30 रुपये ही रहेगा। मेला में प्रति यात्री व्यवसायिक कर लगना था लेकिन सांसद ने यह कर समाप्त करने की एक दिन पहले की घोषणा कर दी थी। एआरएम जेपी सिंह ने बताया कि किराया 30 रुपये ही होगा।
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परंपरागत बैलगाड़ियां की कतारे भी दिखीं
देहाती मेला होने के कारण परंपरागत बैलगाड़ियों की कतारें भी मेला की ओर जाती मिलीं। ज्यादातर लोग अपने-अपने वाहनों से पहुंच रहे हैं। ट्रैक्टर ट्रालियाें और बैल गाड़ियों की संख्या अधिक है। शहरी लोगों की कारें भी मेला को दौड़ रही हैं। मेला पूरे शबाब पर पहुंच रहा है।
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मूर्ति, सामग्री विसर्जन को नहीं खोदे गए गड्ढे
जिला पंचायत ने तमाम इंतजाम किए लेकिन गंगा सफाई के मद्देनजर गंगा किनारे मूर्ति और पूजा सामग्री विसर्जन को गड्ढे नहीं खोदे। इससे लोग गंगा में ही इन वस्तुओं का विसर्जन करेंगे।
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ठेकेदारों की पोल खुली, मुख्य सड़क बैठी
मेला को कच्चे में बीड़ा से बनाई गई करीब दो किमी सड़क जगह-जगह बैठ गई है। इस रोड पर वाहनों के फंसने से लोगाें को भारी परेशानी हो रही है। ठेकेदारों द्वारा अगर पर्याप्त बीड़ा लगाया जाता तो ऐसे हालात नहीं बनते। सड़कों पर छिड़काव न होने से स्थिति बेहद खराब है। जमकर रेत उड़ रहा है।
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महिलाओं को कुल 12 स्नानागार
मेला में जहां घाट छोटा पड़ जाने की चर्चा हो रही है, वहीं लाखों की भीड़ होने पर महिलाओं को केवल 12 स्नानागार ही बनाए गए हैं। इसमें जिला पंचायत ने चार और एक ट्रैक्टर कंपनी ने आठ घाट बनाए हैं।
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अवशीतन वाहन से दुग्ध की बिक्री
मेला में पराग की ओर से अवशीतन वाहन से दुग्ध की बिक्री हो रही है। यहां दूध 40 रुपये लीटर दिया जा रहा है।
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शांति कुंज का गंगा रथ पहुंचा
मेला ककोड़ा में गायत्री परिवार का गंगा रथ भी पहुंच गया है। गायत्री परिवार की ओर से गंगा सफाई पर लोगों से संकल्प कराया जा रहा है।
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नाग संप्रदाय के 25 परिवारों का डेरा
नाग संप्रदाय (सपेरा) के कन्नौज से 25 परिवारों ने भी मेला में डेरा जमाया है। यहां बीन बजाकर और सांपों को दिखाकर यह मेलार्थियों का मनोरंजन कर रहे हैं।
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कासगंज के एक हजार परिवारों का कल्पवास
गंगा पर पुल खुल जाने के बाद पहली बार कासगंज जिला से एक हजार से अधिक परिवार कल्पवास को पहुंचे हैं। इन्हें बरेली और पीलीभीत के मेला की ओर पूरब में ही बसने को जगह मिली है।
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