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मिनी कुंभ में बस गया तंबुओं का शहर, उद्घाटन आज

Badaun Updated Wed, 05 Nov 2014 05:30 AM IST
बदायूं। रुहेलखंड के मिनी कुंभ के नाम से विख्यात जिले का ऐतिहासिक मेला पूरी रंगत पर है। कल्प वारियों ने अपने-अपने डेरा तंबू लगा लिए हैं। लोग परिवारों के साथ मेला में पहुंच गए हैं और लगातार लोगों के पहुंचने और मुख्य स्नान में भाग लेने के लिए होड़ शुरू हो गई है। बुधवार को उद्घाटन ने पूर्व जिलाधिकारी शंभूनाथ ने जहां मेला की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, वहीं एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। सांसद धर्मेंद्र यादव भी मेला पहुंचे और अपने कैंप में बैठक कर महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
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गंगा की कटरी में तंबुओं का शहर आबाद हो चला है। अभी लोग डेरा तंबू लेकर मेला में बड़ी तादाद में पहुंच रहे हैं। मेला के रास्तों में परंपरागत बैलगाड़ियां से ग्रामीण जन पहुंच रहे हैं। ट्रैक्टर ट्रालियां भी जा रही है। मेला अपना रूप लेने लगा है। जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव बुधवार को मेला का उद्घाटन करेंगीं। हालांकि मेला का मुख्यद्वार और गंगा द्वार मंगलवार को भी नहीं बन सका था। जिला पंचायत प्रशासन की ढिलाई से अभी भी मेला में कई अव्यवस्थाएं हावी हैं।
जिलाधिकारी ने गंगा घाट देखा तो वहां घाट की कटाई का काम अभी भी चल रहा था। महिलाओं के लिए स्नानागारों की व्यवस्था नहीं थी। गंगाघाट के अलावा कुछ बाहरी हिस्सों में प्रकाश की व्यवस्था भी चौपट है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हैं। बदायूं से मेला स्थल तक पुलिस की चौकियों को टैंट उपलब्ध न कराए जाने के कारण यहां पुलिस चौकियां अस्तित्व में नहीं आई हैं।
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हैंडपंप के लिए अधिक वसूली
मेला में हैंडपंप ठेकेदार द्वारा मेलार्थियों से पेयजल के लिए हैंडपंप के अधिक पैसे वसूले जाने की शिकायतें आ रही हैं। पहले तो हैंडपंप न होने की बात कही जाती है, फिर उनका अधिक धन वसूला जाता है। अबतक हैंडपंप 1200 रुपये लेकर दिया जा रहा था। इसमें बाद को छह सौ रुपये लौटाने की बात की गई है। वहीं अब 15-16 सौ रुपये मे हैंडपंप के लिए जा रहे हैं।

मेलार्थियों को टेंट पड़ा कम
जो मेलार्थी जिला पंचायतों के ठेकेदारों से टेंट व्यवस्था पर निर्भर होकर मेला में पहुंचे हैं। उन्हेें बेहद परेशानी उठानी पड़ रही है। अभी मेलार्थियों को रेला चल रहा है और टेंट व्यवस्था भंग हो गई है। किसी भी रेट में टेंट न होने की बात कही जा रही है। जबकि अधिकारियों और वीआईपी के लिए मेला प्रबंध ने बेहतर सुविधाएं देने को कमर कस रखी है।

सुरक्षा चौकियां नहीं, रात में भी चल रहीं सवारियां
सुरक्षा के लिए पुलिस चौकियां नहीं हैं। मेला के दिनों में आपराधिक प्रवृत्ति के लोग भी सक्रिय हो जाते हैं। पूर्व में मेला के समय रास्ते में लूटपाट की घटनाएं चर्चित रहीं हैं इसके बावजूद चौकियां अस्तित्व में नहीं हैं। इससे मेलार्थियों को रात में यात्रा सुरक्षित नहीं लग रही है।

सांसद ने रोडवेज का टैक्स खत्म कराया
सांसद धर्मेंद्र यादव ने बुधवार को मेला स्थल पहुंचकर कैंप में बैठक की और महत्व की घोषणा करते हुए रोडवेज से व्यवसायिक कर के अलावा मेला टैक्स भी खत्म करा दिया है। इससे पहले उन्होंने मेला टोल टैक्स को 2.60 लाख रुपया जमा कर टैक्स भी खत्म करा दिया था। इससे मेलार्थियों को भारी सुविधा होगी। रोडवेज ने बदायूं से मेला तक का 30 रुपये किराया निर्धारित किया था, जो कम हो जाएगा।

अभी शुरू नहीं हो सकी रोडवेज बस सेवा
मेला ककोड़ा के लिए रोडवेज से टैक्स खत्म कराने के सांसद द्वारा उठाए कदमों का लाभ तब मिले जब रोडवेज बस सेवा शुरू हो लेकिन मेलार्थियों के लिए रोडवेज ने अभी बस सेवा शुरू नहीं की है। इससेे मेलार्थियों को सांसद की घोषणाओं का फिलहाल फायदा नहीं मिल पा रहा है।

साधु-संत पहुंचे, मधुसूदनाचार्य का यज्ञ शुरू
देवचरा के प्रसिद्ध संत मधुसूदनाचार्य के धार्मिक पंडाल में तीन दिवसीय यज्ञ शुरू हो चुका है। यहां बता दें कि साधु-संतो ने पहले से ही गंगा किनारे इस मेले में डेरा जमा लिया है। नागा महात्मा भी पहुंचे हैं। यहां धार्मिक आयोजन शुरू हो चुके हैं। धार्मिक पाठों के अलावा कथा और हवन आदि भी लोग करा रहे हैं।
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