अमर उजाला
Sat, 9 September 2023
फर्जी साइट में आमतौर पर स्पेलिंग की गलती मिलती है। इसे जरूर चेक करें।
यदि किसी साइट के यूआरएल में HTTPS नहीं है तो उस साइट पर ना जाएं।
बिना HTTPS वाली साइट पर किसी तरह का पेमेंट ना करें।
यदि कोई वेबसाइट आपसे आपकी निजी जानकारी मांग रही है तो सतर्क हो जाएं।
नकली साइट पर दिए गए कॉन्टेक्ट नंबर फर्जी होते हैं। ई-मेल आईडी में भी स्पेलिंग की गलती होती है।
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