अमर उजाला
Wed, 11 October 2023
पास-की को पहले अतिरिक्त साइन-इन ऑप्शन के रूप में पेश किया गया था, लेकिन अब फीचर को वर्कस्पेस अकाउंट और गूगल क्लाउड अकाउंट के लिए भी जारी किया गया है।
ऐसे में पासवर्ड के मुकाबले फिशिंग अटैक को रोकने में पास-की को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
आजकल यूजर्स के पास अलग-अलग बैंकिंग और अन्य पर्सनल अकाउंट हैं, और सभी के पासवर्ड याद रखना मुश्किल हो जाता है।
टेक्नॉलॉजी की अन्य ख़बरों के लिए क्लिक करें