अमर उजाला
Sun, 13 August 2023
बता दें कि OpenAI ने 30 नवंबर 2022 को अपने एआई टूल ChatGPT को पेश किया था। लॉन्च होने के कुछ दिनो में ही ChatGPT ने इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसी सोशल मीडिया कंपनियों को पीछे छोड़ दिया था।
लेकिन अब कंपनी की हालत खराब है, क्योंकि ChatGPT के मेंटनेंस पर ही कंपनी को हर दिन 7 लाख डॉलर यानी करीब 5.80 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
कंपनी ने GPT-4 को सब्सक्रिप्शन आधारित रखा है, लेकिन अब कई फ्री कंवर्सेशनल एआई उपलब्ध हैं, इसलिए कम लोग ही इसका सब्सक्रिप्शन ले रहे हैं। कंपनी को नुकसान हो रहा है।
एनालिटिक्स इंडिया के एनालिसिस के अनुसार, OpenAI की कमाई नहीं बढ़ी तो कंपनी 2024 के अंत तक दिवालिया हो जाएगी।
टेक्नॉलॉजी की अन्य ख़बरों के लिए क्लिक करें