अमर उजाला
Wed, 19 March 2025
सोशल मीडिया आज हमारी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा हो चुका है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके मरने के बाद सोशल मीडिया अकाउंट्स का क्या होता है?
गूगल या किसी भी अन्य कंपनी के पास ऐसा कोई टूल नहीं है जिससे किसी के मरने के बारे में तुरंत जानकारी हासिल हो सके।
यदि कोई गूगल अकाउंट लंबे समय से एक्टिव नहीं है यानी किसी अकाउंट के जरिए गूगल मैप्स, जीमेल, गूगल ड्राइव, सर्च आदि का इस्तेमाल लंबे समय से नहीं हो रहा है तो ऐसे अकाउंट को इनएक्टिव अकाउंट की कैटेगरी में डाल देता है।
गूगल यह मान लेता है कि इस अकाउंट का मालिक अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन गूगल इस बात की सुविधा भी देता है कि मरने के बाद किसी के डिजिटल डाटा यानी जीमेल आदि पर इसका हक होगा।
इसके लिए गूगल के पास एक फीचर है जिसके जरिए आप यह तय कर सकते हैं कि आपके मरने के बाद आपके डाटा को कौन संभालेगा और जीमेल आदि को कौन एक्सेस करेगा।
गूगल के इस फीचर को आप myaccount.google.com/inactive पर जाकर एक्सेस कर सकते हैं।
वह आपके अकाउंट को एक्सेस कर पाएगा। इस लिंक को ओपन करके आपको उस इंसान की ई-मेल आईडी, फोन नंबर आदि डालना होगा जिसे आप अपने अकाउंट को सौंपना चाहते हैं।
वसीयत के तौर पर गूगल 10 लोगों के नाम को जोड़ने का विकल्प देता है।
फेसबुक के पास भी इसी तरह का एक फीचर है जिसे 'legacy contact' नाम दिया गया है। इस फीचर के जरिए आप विरासत के तौर पर अपना फेसबुक अकाउंट अपने परिवार के सदस्य या किसी दोस्त को सौंप सकते हैं।
आपके द्वारा चयनित व्यक्ति आपके ना रहने के बाद भी आपके फेसबुक अकाउंट को मैनेज कर पाएगा, हालांकि वह व्यक्ति सिर्फ प्रोफाइल पिक्चर, कवर फोटो अपडेट, दोस्तों की फ्रेंड रिक्वेस्ट का जवाब देने भर का काम ही कर पाएगा।
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