अमर उजाला
Tue, 14 October 2025
इन दिनों देसी व्हाट्सएप यानी Arattai एप की खूब चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि इसके टेक्स्ट मैसेज में कंपनी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन नहीं देती है।
इस वजह से कई टेक एक्सपर्ट्स इस एप को फिलहाल यूज करना सेफ नहीं मान रहे हैं। तो क्या है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, आइए जानते हैं।
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन दो यूजर्स के बीच होने वाले चैट को एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस तक एन्क्रिप्टेड रखता है ताकि बीच में कोई तीसरा उसे न पढ़ सके।
एन्क्रिप्टेड मैसेज कंपनी के सर्वर पर हैकिंग से भी सुरक्षित रहते हैं। इन्हें केवल खास सुरक्षा कारणों से ही डिक्रीप्ट किया जा सकता है।
अगर किसी एप में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन नहीं है, तो मैसेज सर्वर पर डिक्रिप्ट होकर दिखाई दे सकते हैं। इससे डेटा लीक का खतरा बढ़ जाता है।
जब चैट एन्क्रिप्टेड नहीं होती, तो सर्वर इंडेक्सिंग के दौरान मैसेज डिक्रिप्ट हो जाते हैं और सर्वर पर उनका कंटेंट एक्सेस किया जा सकता है।
Arattai की बात करें, तो वॉइस और वीडियो कॉल्स के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन मौजूद है, लेकिन टेक्स्ट चैट्स के लिए यह सुविधा अभी पूरी तरह लागू नहीं हुई है।
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