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गोरों की आमदनी काले लोगों से ज्यादा

बीबीसी हिन्दी

Updated Wed, 31 Oct 2012 01:01 PM IST
white south africans paid 6 times more than blacks
दक्षिण अफ्रीका में वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों से पता चला है कि देश में गोरों की कमाई काले लोगों से छह गुना अधिक है।
राष्ट्रपति जैकब जुमा का कहना है कि जनगणना के ये आंकड़े बताते हैं कि अल्पसंख्यक गोरों का शासन खत्म होने के 18 साल बाद भी काले लोग अभी तक 'सबसे निचले पायदान' पर हैं।

उनका कहना है कि काले लोगों को बराबरी के स्तर पर लाने के लिए अभी और प्रयास करने की जरूरत है। वे कहते हैं, ''ये आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 1994 में प्रगति पथ पर अग्रसर होने के बाद भी काले लोग गरीबी, बेरोजगारी और असमानता के शिकार हैं।

जुमा का कहना है कि वर्ष 2030 तक अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस सरकार हर समुदाय को एक अस्पताल, एक स्कूल, एक लाइब्रेरी और एक पुलिस स्टेशन की सुविधा मुहैया कराएगी।

लंबी छलांग
आंकड़े बताते हैं कि काले लोगों की आमदनी बीते एक दशक में लगभग 170 प्रतिशत बढ़ी है, लेकिन फिर भी उनकी कमाई सबसे कम है।

दक्षिण अफ्रीका की आबादी लगभग 5.2 करोड़ है जिसमें से 79 प्रतिशत लोग काले हैं। वर्ष 2001 से इसमें 70 लाख का इजाफा हुआ है।

वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ें बताते हैं कि देश में लगभग 1.1 करोड़ आबादी, पांच साल से कम उम्र के बच्चों की है जो देश की आबादी का सबसे बड़ा आयु वर्ग है।

दक्षिण अफ्रीका की आबादी का विश्लेषण करने वाले अधिकारी डिएगो इटुराल्ड कहते हैं, ''हो सकता है कि एचआईवी संक्रमण की दर कम हो गई हो और आबादी की दर में सुधार हुआ हो।''

आंकड़े बताते हैं कि गोरों की औसत सालाना आमदनी लगभग 365,000 रेंड है। वहीं भारतीयों की औसत सालाना आमदनी 251,000 रेंड है। इसी तरह मिलीजुली नस्लों के लोगों की आमदनी 251,500 रेंड और काले लोगों की औसत सालाना आय 60,600 रेंड है।

आबादी से जुड़े अन्य तथ्य
वर्ष 2011 की जनगणना के नए आंकड़ों से पता चला है कि दक्षिण अफ्रीका के लगभग 30 प्रतिशत श्रमिक बेरोज़गार हैं। लगभग 30 लाख बच्चे अनाथ हैं। 90 लाख से अधिक लोगों के पास घर हैं, वहीं बेघर लोगों की संख्या लगभग 20 लाख है।

लगभग 57 प्रतिशत घरों में शौचालय हैं। लगभग 84.7 प्रतिशत घरों में बिजली है। उच्च शिक्षा पूरी करने वाले लोगों की संख्या लगभग 11.8 प्रतिशत है। लगभग 90 प्रतिशत लोगों के पास मोबाइल फोन हैं।
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