आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

ब्रिटेन में इन बच्चों का न कोई घर, न वतन

बीबीसी हिंदी

Updated Sun, 18 Nov 2012 04:34 PM IST
these children no home no country
बीबीसी की एक रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि ब्रिटेन में बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे मौजूद हैं जिनका नाम सरकारी रिकार्ड में मौजूद नहीं है। इनमें से अनेक को पेट भरने के लिए देह-व्यापार करना पड़ता है। साथ ही ये मासूम कई अन्य तरह से शोषण का भी शिकार होते हैं।
कई गैर सरकारी सामाजिक संस्थाओं का कहना है कि ब्रिटेन के बर्मिंघम, लीड्स, कोवेन्ट्री, नॉटिंघम, न्यूकैसल, लिवरपूल, ऑक्सफोर्ड और कार्डिफ शहरों में ऐसे बेघर और बेवतन बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
सामाजिक संस्था असायलम ऐड के क्रिस नैश के अनुसार, ''किसी देश की नागरिकता ना होने के कारण पैदा होने वाली समस्याएं सिर्फ लंदन तक सीमित नहीं है। लेकिन ये ज़रूर है कि ये समस्या यहां सबसे ज़्यादा हैं।''

लंदन में रह रहे ग़ैर-राष्ट्रीय युवाओं में से कई ऐसे हैं जो यहां कानूनी तौर पर आए थे लेकिन सरकारी दस्तावेज़ों में उनका नाम दर्ज नहीं है। जिस कारण ये लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इन्हें ना तो शिक्षा हासिल है ना ही सार्वजनिक घर की सुविधा। एक गैर-सरकारी संस्था अपने अभियान 'सेफ एंड साउंड' के ज़रिए लोगों को इस समस्या के प्रति जागरुक करने की कोशिश कर रहे हैं।सेफ एंड साउंड की जेनिफर ब्लेक कहती हैं, ''अब तक हमारे पास 600 लोगों के आवेदन आ चुके हैं। ये एक बड़ी समस्या है।''

मैं ऐसा नहीं चाहता'

जेनिफर ब्लेक की कोशिश रहती है कि वे ऐसे परेशान बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित आश्रय दिलाएं। ब्लेक पिछले कुछ समय से युगांडा मूल के 17 साल के टोनी के लिए घर ढूंढने की कोशिश कर रही हैं। टोनी को उनके पिता ने घर से बाहर कर दिया है जिस कारण वे बसों में रात गुज़ारते हैं।

टोनी कहते हैं, ''अगर आप भूखे-प्यासे बिना पैसों के सड़कों पर घूम रहे हैं तो ये एक तरह का संघर्ष है। अगर मैं चोरी करता हूं तो मुझे जेल हो जाएगी और मैं ऐसा नहीं चाहता।'' लगातार दो सालों तक सड़कों पर जीवन गुज़ारने वाले टोनी के अनुसार, ''इस साल जब सर्दियों का मौसम आया तो मुझे काफी दिक्कत हुई। मुझे लगातार सर्दी-खांसी हो रही थी और मैं काफी कमज़ोर हो गया था। मेरा वज़न भी काफी घट गया है।'' दुख की बात ये है कि कई बार इन बिना राष्ट्रीयता वाले बच्चों की उम्र 14 साल से भी कम होती है। ऐसे में बेघर बच्चे कई बार अपराधी बन जाते हैं।

शोषण

टोनी जैसे किशोर लड़कों के लिए खुद को नागरिक का दर्जा दिलाना असंभव सा होता है क्योंकि अप्रवासी अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी पहचान साबित करने की होती है। टोनी कहते हैं, ''वो मुझे अपने पिता से एक पत्र लिखवा कर लाने को कहते हैं लेकिन क्या ये मुमकिन है, जब मेरे पिता ने ही मुझे घर से निकाल फेंका हो।'' सड़कों पर जीवन बिताने के लिए मजबूर कई लड़कियां भी शारीरिक शोषण का शिकार हो रही हैं।

साल 2009 में मानव तस्करी की शिकार लीबिया की एक 17 साल की लड़की ऐसे ही विकट हालात में फंसी हैं। उसकी मां ने अपने देश में चल रही हिंसा के कारण अपने एक ब्रितानी मित्र को उसकी देखभाल करने के लिए पैसे दिए थे। लेकिन उस परिवार ने लड़की को कुछ ही महीनों के बाद यूं ही छोड़ दिया।

बीबीसी से बातचीत के दौरान इस लड़की ने कहा, ''उस घटना के बाद मैं सड़क पर आ गई। कई बार मेरी इच्छा आत्महत्या करने की हुई। मुझे अपना पेट भरने, एक रात के लिए छत पाने और सिर्फ कुछ पैसों के लिए ऐसे काम करने पड़ते हैं जिससे मैं अपनी ही नज़रों में गिर जाती हूं।''शोधकर्ताओं के अनुसार इस समय लंदन में रह रहे 10 प्रतिशत बच्चों की नागरिकता तय नहीं है।

बेपरवाह अधिकारी

लेकिन ऐसे राष्ट्रहीन बच्चों के बारे में पुख्त़ा जानकारी देने वाले आंकड़े कहीं मौजूद नहीं है। क्योंकि ऐसे मामलों पर नज़र रखने के लिए नियुक्त किए गए अधिकारी अकसर ख़ुद ही नियमों का उल्लंघन करते हैं। बीबीसी को मिली जानकारी के अनुसार ये अधिकारी जानबूझकर ऐसे बच्चों की उम्र बढ़ा देते हैं ताकि उन पर इनकी देखभाल की ज़िम्मेदारी ना आ जाए।

'सॉलिसिटर्स फिशर मेरेडिथ' की अमारा अहमद उन सरकारी अधिकारियों के खिलाफ़ कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं जो ऐसे बच्चों के साथ भेदभाव कर रहे हैं। कोरम लीगल सेंटर के कामेना डोरलिंग कहते हैं, ''अगर आप किशोर उम्र के हैं और ब्रिटेन में रह रहे हैं, तब चाहे आप यहां के नागरिक हों या ना हो, आपके देखभाल की ज़िम्मेदारी स्थानीय अधिकारियों की है।'' उन्हें आपके रहने और खाने-पीने का ध्यान रखना होता है, जो अक्सर नहीं होता है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

सालों बाद मिला आमिर का ये को-स्टार, फिल्में छोड़ इस बड़ी कंपनी में बन गया मैनेजर

  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

इस मानसून इन हीरोइनों से सीखें कैसा हो आपका 'ड्रेसिंग सेंस'

  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

जब शूट के दौरान श्रीदेवी ने रजनीकांत के साथ कर दी थी ये हरकत

  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

50 वर्षों बाद बना है इतना बड़ा संयोग, आज खरीदी गई हर चीज देगी फायदा

  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

हिट फिल्म के बावजूद फ्लॉप हो गई थी ये हीरोइन, अब इस फील्ड में कमा रही है नाम

  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

Most Read

वापस घर लौटना चाहती है IS आतंकी बनी जर्मन जिहादी गर्ल

IS Terrorist German Teenager Wants To Return Home
  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

देश में है आर्थिक संकट, जिम्बाम्बे के राष्ट्रपति ने ‘साली’ को जन्मदिन पर दिए 40 लाख रुपये

the President of Zimbabwe gave 40 lakh rupees sister in law on her birthday
  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

मोसुल में आईएस आतंकियों की हुई ऐसी हालत, कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहे

ISIS fighters dress up as WOMEN with make-up and padded bras in desperate bid to flee Mosul
  • शनिवार, 22 जुलाई 2017
  • +

काबुल में आतंकी हमला, कार ब्लास्ट में 35 की मौत

around ten dies after a car bomb blast in Afghanistan's capital kabul
  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और PM मोदी की सीक्रेट बातचीत माइक पर हुई रिकॉर्ड

Israel's Benjamin Netanyahu and PM Modi Conversation Caught On hot Mic
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

इराक में जर्मन जिहादी गर्ल गिरफ्तार, 2016 में IS से जुड़ी थी

German jihadi girl arrested in Iraq
  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!