आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

ये हैं चीन में सत्ता के दावेदार

बीबीसी हिंदी

Updated Fri, 09 Nov 2012 02:54 PM IST
these are contenders for power in china
चीन में कम्युनिस्ट पार्टी का अधिवेशन चल रहा है। वहाँ के नेतृत्त्व परिवर्तन पर दुनिया भर की निगाहें लगी हैं, मगर कौन हैं सत्ता संभालने वाले?
शी जिनपिंग
शी जिनपिंग को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का अगला प्रमुख और देश का राष्ट्रपति बनने का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है।

शी जिनपिंग एक पूर्व शीर्ष नेता के पुत्र हैं जिन्होंने चीन की राजनीति को बचपन से ही सीखना शुरू कर दिया था। शी जिनपिंग के सेना के साथ करीबी रिश्ते और सरकारी उद्योगों के लिए उनके समर्थन से संकेत मिलता है कि वे अपेक्षाकृत कंजरवेटिव हैं।

बीजिंग में वर्ष 1953 में जन्मे शी जिनपिंग ने वर्ष 1974 में कम्युनिस्ट पार्टी में शामिल होने से पहले चिंगख्वा यूनिवर्सिटी से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। वर्ष 2007 में शंघाई का पार्टी प्रमुख बनने से पहले उन्होंने हेबेई, फुजियान और झेजियांग प्रांतों में काम किया और भ्रष्टाचार के एक मामले की पड़ताल की।

उन्हें एक मुंहफट नेता के तौर पर जाना जाता है। उन्होंने वर्ष 2004 में अधिकारियों को कसम दिलाई थी कि वो अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए अपने पद का इस्तेमाल नहीं करेंगे।

ली केचियांग
ली केचियांग मजदूरी करते-करते पार्टी के प्रांतीय प्रमुख बन गए और अब चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के अगले नेता बनने की दौड़ में शामिल हैं।

ली केचियांग को चीन के अपेक्षाकृत वंचित लोगों की बेहतरी के लिए काम करने के लिए जाना जाता है, शायद यही उनके आगे बढ़ने की वजह है।

वे राष्ट्रपति हू जिंताओ के करीबी हैं। उन्होंने पार्टी की युवा इकाई में काम किया है। उम्मीद है कि वे चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ की जगह लेंगे।

वर्ष 1955 में अनहुई प्रांत में जन्मे ली केचियांग के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने एक स्थानीय पार्टी नेता बनने का अपने पिता का प्रस्ताव नहीं माना था और इसके बजाये बीजिंग की प्रख्यात यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई करना पसंद किया था।

उन्हें वर्ष 1998 में हेनान प्रांत में पार्टी का उप सचिव चुना गया और एक वर्ष बाद वे चीन के सबसे कम उम्र के प्रांतीय गर्वनर बने। लेकिन उनके कार्यकाल के दौरान प्रांत में कई जगह आग लगने और दूषित रक्त के जरिये एचआईवी संक्रमण के मामले बढ़े जिससे उनकी छवि को गहरा धक्का लगा।

वांग कीशान
पश्चिम के नेता वांग किशान के नाम से परिचित हैं क्योंकि विश्व अर्थव्यवस्था पर उन्होंने खूब चर्चा की है। उन्होंने अमेरिका के साथ चीन के आर्थिक संबंधों पर भी काम किया है। उनके समर्थकों का मानना है कि वे ली केचियांग के मुकाबले बेहतर प्रधानमंत्री साबित होंगे।

वांग को राजनीति विरासत में मिली है। वे एक आला अधिकारी के पुत्र हैं। उन्होंने पूर्व उप प्रधानमंत्री याओ यिलिन की पुत्री से विवाह किया है। शेनडोंग के चिंगडाओ में जन्मे वांग ने नॉर्थवेस्ट यूनिवर्सिटी से इतिहास का अध्ययन किया और फिर एक शोधकर्ता के तौर पर काम किया।

वे अपेक्षाकृत देरी से पार्टी से जुड़े। तब उनकी उम्र35 वर्ष थी। वर्ष 2004 में बीजिंग का मेयर बनने से पहले उन्होंने एक बैंकर के तौर पर काम किया।

ली युआनचाओ
ली युआनचाओ ने कम्युनिस्ट पार्टी की संगठन इकाई की कमान संभाली जिसका काम पार्टी सदस्यों के कामकाज का मूल्याकंन करना है और ये तय करना है कि उन्हें क्या दायित्व सौंपा जाएगा। ये पद बहुत अहम है क्योंकि इसी के जरिये माओ जेडॉन्ग और डेंग शियाओपिंग सर्वोच्च पद तक पहुंचे थे।

फुडान यूनिवर्सिटी से गणित में स्नातक ली युआनचाओ ने बीजिंग यूनिवर्सटी से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर किया और फिर सेंट्रल पार्टी स्कूल से कानून में डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की। उन्होंने हारवर्ड यूनिवर्सिटी से नेतृत्व करने का प्रशिक्षण भी लिया।

जांग डेजियांग
बो शिलाई के पतन के बाद कम्युनिस्ट पार्टी ने जांग डेजियांग को वर्ष 2012 में बड़ी अहम जिम्मेदारी के लिए चुना। उन्हें चोंगचिन में पार्टी का प्रमुख बनाया गया।

जहां चीन के ज्यादातर नये नेताओं का पश्चिम से संवाद रहा है, वहीं जांग डेजियांग चीन के सबसे पुराने सहयोगी उत्तर कोरिया के मामलों के जानकार हैं। उन्होंने अर्थशास्त्र के अध्ययन के लिए प्योंगयांग में दो वर्ष भी बिताए।

उनका कार्यकाल विवादास्पद रहा है। साल 2002 में निमोनिया का घातक प्रकार सार्स जब फैला तो उसकी रोकथाम के प्रति उनकी सरकार के रूख की आलोचना हुई।

प्रांत में पार्टी प्रमुख होने के नाते उन्हें कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों के प्रति उनके कड़े रवैये को पसंद नहीं किया गया। उनकी छवि सुधारक की नहीं है, उन्होंने व्यापारियों को पार्टी में शामिल करने का विरोध किया।

ली यांगडोंग
लियू यांगडोंग चीन के 25 सदस्यीय पोलित ब्यूरो की एकमात्र महिला सदस्य है। संभावना कम है, लेकिन हो सकता है कि उन्हें चीन की सर्वशक्तिमान पोलित ब्यूरो की स्थायी समिति में लाया जाए। ज्यांग्सू में जन्मीं लियू यांगडोंग को भी राजनीति की समझ विरासत में मिली है।

उनके पिता उप कृषिमंत्री थे जिनके बारे में कहा जाता है कि पूर्व राष्ट्रपति जियांग ज़ेमिन को वे भी कम्युनिस्ट पार्टी में लाए थे।

लियू ने मौजूदा राष्ट्रपति हू जिंताओ की तरह चिंगख्वा यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की। उन्होंने पार्टी की युवा इकाई में जिनताओ के सहायक के तौर पर भी काम किया। बाद में उन्होंने चीन की ही रेनमिन यूनिवर्सिटी से समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर की उपाधि हासिल की। उनकी छवि शांत स्वभाव और कड़ी मेहनत करने वाले नेता की है।

लियू यूनशेन
55 वर्षीय लियू यूनशेन पार्टी की प्रचार इकाई की प्रमुख हैं जो देश के मीडिया और इंटरनेट संबंधी नीतियों पर कड़ा नियंत्रण रखती है।

उन्होंने वर्ष 1968 से लगभग तीन दशक तक मंगोलिया में काम किया। वहां उन्हें युवा होने के नाते कम्यून में काम करने के लिए भेजा गया था। वे बाद में शिन्हुआ समाचार एजेंसी के संवाददाता भी बने। वे जनसम्पर्क के विशेषज्ञ हैं। उन्हें पार्टी में उप सचिव का ओहदा दिया गया।

शिन्झोउ, शान्सी में जन्मे लियू वर्ष 1971 में पार्टी में शामिल हुए। वे पार्टी स्कूल से ही स्नातक हैं। पार्टी की युवक इकाई में उन्होंने राष्ट्रपति हू जिनताओ के साथ काम किया है। उन्हें जिनताओ का करीबी सहयोगी माना जाता है।

यू झेंगशेंग
वे चीन के सबसे बड़े शहर शंघाई में पार्टी प्रमुख हैं। राजनीति की समझ उन्हें भी विरासत में मिली है। वे पूर्व राष्ट्रपति जियांग ज़ेमिन और हू जिनताओ के करीबी रहे हैं।

वांग यांग
वांग यांग को सुधारवादियों की नई पीढ़ी के प्रतिनिधि के तौर पर देखा जाता है। वर्ष 2012 में आयोजित नेशनल पीपल्स कांग्रेस में उन्होंने कहा था कि सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए निहित स्वार्थों की समस्या को सुलझाने के लिए हमें पहले पार्टी और सरकार की सर्जरी करने की जरूरत है।

चोंगकिंग में पार्टी प्रमुख रहते हुए उन्होंने उदारवादी होने की छवि अर्जित की। सुझोउ में जन्मे वांग एक श्रमिक के पुत्र हैं। सेंट्रल पार्टी स्कूल में राजनीतिक अर्थशास्त्र के अध्ययन से पहले उन्होंने एक फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री में काम भी किया था।

झांग गाओली
झांग गाओली, तियानजिन में पार्टी प्रमुख हैं जो बीजिंग के पूर्व में एक बड़ा और धनी शहर है। फुजियान में जन्मे झांग, जियामेन यूनिवर्सिटी से स्नातक हैं। उन्होंने सांख्यिकी और अर्थशास्त्र का अध्ययन किया है। उन्होंने अपने करियर के शुरूआती दिन तेल उद्योग में काम करते हुए बिताए।

इसके बाद अस्सी के दशक में वे दक्षिणी प्रांत गुआंगडोंग में पार्टी पदाधिकारी बनें। हांगकांग की सीमा से लगे दक्षिणी बूमटाउन कस्बे में पार्टी प्रमुख के तौर पर उनके राजनीतिक करियर ने गति पकड़ी।

मेंग जियाग्झू
मेंग जियाग्झू फिलहाल जन सुरक्षा मंत्री हैं। ये एक अहम पद है जो चीन के भीतर कानूनों के लागू होने पर नजर रखता है।

पूर्व राष्ट्रपति जियांग ज़ेमिन से उन्हें बड़ा समर्थन मिला, पर ये स्पष्ट नहीं है कि आगे बढ़ने के लिए मौजूदा नेतृत्व का समर्थन उन्हें हासिल है या नहीं। सुझोउ में जन्मे मेंग वर्ष 1971 में पार्टी में शामिल हुए। उन्होंने शंघाई के मैकेनिकल इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट से ओद्यौगिक तंत्र का अध्ययन किया।

हू चुनहुआ
हू चुनहुआ इनर मंगोलिया में पार्टी प्रमुख हैं। उन्हें चीन में नेतृत्व के लिहाज से उभरता सितारा माना जाता है। उन्हें 'लिटिल हू' के नाम से जाना जाता है क्योंकि वे राष्ट्रपति हू जिनताओ के करीबी हैं।

यदि वे स्थायी समिति में जगह बना पाते हैं तो वो इसके सबसे कम उम्र के सदस्य होंगे। वे 49 वर्ष है। वर्ष 2022 में चीन के सम्पूर्ण नेतृत्व के लिए वे शी जिनपिंग की जगह लेने के लिए वे प्रबल दावेदार हो सकते हैं।

उनके राजनीतिक करियर की शुरूआत तिब्बत में पार्टी की युवा इकाई से हुई। उन्होंने 23 वर्ष तक तिब्बत में काम किया जहां चीन का शासन विवादों में रहा है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

china shi jinping

स्पॉटलाइट

सालों बाद मिला आमिर का ये को-स्टार, फिल्में छोड़ इस बड़ी कंपनी में बन गया मैनेजर

  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

इस मानसून इन हीरोइनों से सीखें कैसा हो आपका 'ड्रेसिंग सेंस'

  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

जब शूट के दौरान श्रीदेवी ने रजनीकांत के साथ कर दी थी ये हरकत

  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

50 वर्षों बाद बना है इतना बड़ा संयोग, आज खरीदी गई हर चीज देगी फायदा

  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

हिट फिल्म के बावजूद फ्लॉप हो गई थी ये हीरोइन, अब इस फील्ड में कमा रही है नाम

  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

Most Read

काबुल में आतंकी हमला, कार ब्लास्ट में 35 की मौत

around ten dies after a car bomb blast in Afghanistan's capital kabul
  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

मोसुल में आईएस आतंकियों की हुई ऐसी हालत, कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहे

ISIS fighters dress up as WOMEN with make-up and padded bras in desperate bid to flee Mosul
  • शनिवार, 22 जुलाई 2017
  • +

वापस घर लौटना चाहती है IS आतंकी बनी जर्मन जिहादी गर्ल

IS Terrorist German Teenager Wants To Return Home
  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

देश में है आर्थिक संकट, जिम्बाम्बे के राष्ट्रपति ने ‘साली’ को जन्मदिन पर दिए 40 लाख रुपये

the President of Zimbabwe gave 40 lakh rupees sister in law on her birthday
  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और PM मोदी की सीक्रेट बातचीत माइक पर हुई रिकॉर्ड

Israel's Benjamin Netanyahu and PM Modi Conversation Caught On hot Mic
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

इराक में जर्मन जिहादी गर्ल गिरफ्तार, 2016 में IS से जुड़ी थी

German jihadi girl arrested in Iraq
  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!