आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

शिंजो आबे होंगे जापान के प्रधानमंत्री

बीबीसी हिंदी

Updated Wed, 26 Dec 2012 07:32 PM IST
shinzo abe elected as japan prime minister
जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को एक बार फिर जापान के सांसदों ने प्रधानमंत्री के तौर पर चुन लिया है। इस महीने की शुरुआत में आबे की पार्टी ने चुनाव में शानदार जीत हासिल की थी जिससे सत्ता में उनकी वापसी सुनिश्चित हुई।
आबे की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) और इसके गठबंधन साझेदार के पास फिलहाल निचले सदन में दो-तिहाई बहुमत है। सत्तासीन डेमोक्रेटिक पार्टी (डीपीजे) को चुनाव में जबरदस्त झटका लगा और इस पार्टी के नेता योशिहीको नोदा ने अपनी हार स्वीकार कर प्रधानमंत्री का पद छोड़ दिया था।

आबे वर्ष 2006-07 के दौरान प्रधानमंत्री थे। वह बुधवार को अपने नए मंत्रिमंडल के गठन की घोषणा कर सकते हैं। आबे को एक आक्रामक और दक्षिणपंथ की ओर रुझान रखने वाले मध्यमार्गी नेता के तौर पर देखा जाता है। उनकी लोकप्रियता में कमी आने और ख़राब स्वास्थ्य के आधार पर इस्तीफ़ा लेने की वजह से प्रधानमंत्री के तौर पर उनका पहला कार्यकाल खत्म हुआ।

58 साल के आबे पूर्व प्रधानमंत्री के पोते और पूर्व विदेश मंत्री के बेटे हैं। उन्होंने चीन के साथ कुछ क्षेत्रीय मतभेदों पर कड़ा रुख अख्तियार करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। दूसरी ओर चीन में नई सरकार ने पूर्वी चीन सागर में मौजू़द द्वीपों से जुड़े विवाद पर एक 'व्यावहारिक कदम' उठाने की गुज़ारिश की है।

आबे की नीतियां
आबे ने जापान के शांतिवादी संविधान में संशोधन करने और देशभक्ति की भावना को बढ़ाने की अपनी ख्वाहिश ज़ाहिर की है। वर्ष 2009 में डीपीजे सत्ता में आई थी और इसने कल्याणकारी काम से जुड़े खर्च को बढ़ाने और नौकरशाही तथा बडे़ कारोबार के बीच के गठजोड़ को ख़त्म करने का वादा किया था।

यह सरकार आर्थिक मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन करने में नाकाम रही। साथ ही पिछले साल 11 मार्च को आए भूकंप और सुनामी के दौरान भी स्थिति संभालने के लिए इस सरकार को कोई समर्थन नहीं मिल पाया। इस दफा आबे ने अपने चुनावी अभियान के दौरान आर्थिक निष्क्रियता के दौर को ख़त्म करने का वादा किया था।

उन्होंने सार्वजनिक खर्च बढ़ाने और उदार मौद्रिक नीति अपनाने की बात भी की थी। कुछ अर्थशास्त्रियों का कहना है कि आबे की नीतियों में ज्यादा कुछ नया नहीं है। आबे ने यह भी कहा है कि पिछले साल के आपदा के बावजूद वह जापान के भविष्य में नाभिकीय ऊर्जा की अहम भूमिका की इजाजत देंगे।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

shinzo abe japan

स्पॉटलाइट

आपके मां बाप ने भी जमकर बोले होंगे ये झूठ, जानिए और पकड़ लीजिए

  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

पंजाबी फिल्मों का सुपरस्टार था धर्मेंद्र का ये भाई, शूट के दौरान ही कर दी गई हत्या

  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

चंद मिनट के रोल से रातोंरात स्टार बन गया था ये एक्टर, अब है थियेटर की दुनिया का राजा

  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

घर में पैसे की बरसात कर देगा तिजोरी में रखा ये बीज, जानें रखने का तरीका

  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

पहली डेट पर जाते वक्त लड़कियों के दिमाग में चलती हैं ये बातें

  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

Most Read

बेखौफ उत्तर कोरिया ने फिर किया मिसाइल परीक्षण, जापान सागर में गिरी

north Korea against test of new missile despite of international pressure
  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

फिलीपींस राष्ट्रपति बोले- 3 महिलाओं से रेप कर सकते हैं सैनिक

soldiers can rape women under his martial law: Philippines President
  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

ब्रिटेन: IED बम बांधकर आया था हमलावर, 22 की मौत

Manchester Arena: 22 dead in terror attack explosion at Ariana Grande concert
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

एशिया में पहली बार, समलैंगिकों की शादी को कोर्ट ने दी मंजूरी

First time in Asia, court approves marriage of homosexuals in Taiwan
  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

श्रीलंका: बाढ़ और भूस्खलन से 100 से ज्यादा की मौत, भारत ने मदद के लिए भेजा INS किर्च

Sri Lanka: At least 91 feared killed, 110 missing in flood and mudslide
  • शनिवार, 27 मई 2017
  • +

दुबई में पहली बार ड्यूटी पर तैनात हुआ रोबोट पुलिस अफसर

First time in dubai robot police officer is on duty
  • गुरुवार, 25 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top