आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

ऑस्ट्रेलिया में हर आठ में एक आदमी गरीब

Avanish Pathak

Avanish Pathak

Updated Tue, 20 Nov 2012 11:59 AM IST
one in every eight is poor in australia,
एक ताजा अध्ययन बताता है कि ऑस्ट्रेलिया में हर आठ में से एक व्यक्ति गरीबी में जिंदगी गुजार रहा है.
किसी विकसित देश के लिए इतनी गरीबी चिंता की बात है. आखिर इसकी वजह क्या है.

इस अध्ययन रिपोर्ट को तैयार करने वाले न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी के ब्रूस ब्रैडबरी कहते हैं, “इस अध्ययन में हमने गरीबी की तुलनात्मक परिभाषा का प्रयोग किया है.”

वो बताते हैं कि उन्होंने देश की एक माध्यमिक आय तय की और जिन लोगों की आमदनी इस माध्यमिक आय के आधे से भी कम है, उन्हें गरीब के तौर पर परिभाषित किया गया.

मंदी से कम हुई गरीबी!

गरीबी का आकलन इन आमदनियों की बाकी ऑस्ट्रेलियाई समाज से तुलना करके किया गया. औद्योगिक रूप से विकसित देशों में गरीबी को तुलनात्मक रूप से मापना बहुत ही सामान्य है.

ब्रूस ब्रैडबरी कहते हैं, “अमीर देशों में उच्च जीवन शैली अपनाने की क्षमता होती है. ये पूरी तरह उचित है कि अमीर देशों में नीतियों के बारे में सोचने वाले लोग उन मानकों के बारे में भी सोचें जो अमीर देश हासिल कर सकते हैं.”

लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि ये गरीबी का आकलन नहीं है, बल्कि ये इससे ज्यादा असमानता का संकेत है.

चूंकि इसमें ये आकलन होता है कि औसतन लोग कैसे जिंदगी जी रहे हैं, इसलिए ये बदलता रहता है. उदाहरण के लिए आयरलैंड में 2008 के वित्तीय संकट के बाद देश में गरीब लोगों की संख्या घट गई क्योंकि निर्धनता का पैमाना समझी जाने वाली पूरे समाज की माध्यमिक आमदनी घट गई.

गरीबी का पैमाना

ब्रैडबरी का कहना है कि तुलनात्मक गरीबी असमानता से नजदीकी तौर पर जुड़ी है, लेकिन दोनों एक बात नहीं है.

ऑस्ट्रेलिया एक अमीर देश है लेकिन वहां रहने वाले गरीब किसी भी तरह इथोपिया जैसे कम आमदनी वाले देशों के गरीबों के बराबर नहीं हो सकते.

ब्रैडबरी कहते हैं, “अगर (विकासशील) देश में लोगों की जीवन शैली की तुलना अमीर देशों से की जाए तो तुलनात्मक ग़रीबी रेखा का इस्तेमाल नहीं हो सकता.”

वहीं संयुक्त राष्ट्र के मानव विकास कार्यक्रम के बिल ओरमे कहते है, “राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर गरीबी को मापने का कोई एक तरीका नहीं है. इसके लिए मूल्यांकनों की अलग अलग रेंज और कारकों का संजोयन इस्तेमाल किया जाता है.”

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तुलना करने के लिए आप को गरीबी को सही मायनों में मापना होगा. इसके लिए सबसे आम तरीका यही है जो लोग प्रतिदिन 1.25 डॉलर से कम पर जिंदगी गुजार रहे हैं, वो गरीब हैं.


"अमीर देशों में उच्च जीवन शैली अपनाने की क्षमता होती है. ये पूरी तरह उचित है कि अमीर देशों में नीतियों के बारे में सोचने वाले लोग उन मानकों के बारे में भी सोचें जो अमीर देश हासिल कर सकते हैं."

ब्रूस ब्रैडबरी, रिपोर्ट के लेखक
  • कैसा लगा
Comments

स्पॉटलाइट

आखिर क्यों करीना को साइन करना पड़ा था 'No Kissing Clause', अब ऐश्वर्या ने भी लिया ये फैसला

  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

व्रत में सेंधा नमक क्यों खाते हैं? आप भी जान लें

  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

PHOTOS: ऐश्वर्या राय ने पहनी अब तक की सबसे अजीब ड्रेस, शाहरुख की भी छूट गई हंसी

  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

पत्नी को छोड़ इस राजकुमारी के साथ 'लिव इन' में रहते थे फिरोज खान, फिर सामने आया था ‌इतना बड़ा सच

  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

नवरात्रि 2017ः इस पंडाल में मां दुर्गा ने पहनी 20 किलो सोने की साड़ी, जानें खासियत

  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

Most Read

उत्तर कोरिया ने कहा- अमेरिका ने किया युद्ध का ऐलान, उड़ा देंगे यूएस बॉम्बर

North korea threatens US President Donald Trump of declaring war
  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

अबू धाबी: दुनिया की सबसे वजनी महिला एमन अहमद की मौत

Worlds heaviest woman Eman Ahmed passes away in Abu Dhabi
  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

म्यांमार: 28 हिंदुओं की कब्र मिली, रोहिंग्या मुस्लिमों पर हत्या का आरोप

 Myanmar Army Says WE FOUND Grave Of 28 Hindus Killed By Rohingya Militants
  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

म्यांमार: रोहिंग्या मुसलमानों के वापस आने के लिए आंग सान सू की ने रखी शर्त

Aung San said, No compromise with the security of the country
  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

आंग सू की ने दलाई लामा को दिया जवाब, हमारे लिए हिंदू-मुस्लिम और रखाइन्स में अंतर नहीं

Suu Kyi said, making no distinction between Muslims or Hindus or Rakhine
  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

जापान: पीएम शिंजो अबे संसद के निचले सदन को करेंगे भंग, फिर से कराएंगे चुनाव

Shinzo Abe says he will dissolve lower house of parliament and call elections next month
  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!