आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

मिस्र:शुरुआती रुझान में मोर्सी को बढ़त!

Avanish Pathak

Avanish Pathak

Updated Sun, 16 Dec 2012 02:59 PM IST
morsi is leading in early trend in egypt
मिस्र में संविधान के विवादित मसौदे को लेकर हुए पहले जनमत संग्रह की गिनती शुरू हो गई है।
मतदान के शुरुआती रुझानों को देखते हुए माना जा रहा है कि जनमत संग्रह में राष्ट्रपति मुहम्मद मोर्सी के मसौदे के प्रति लोगों का रुझान अधिक है।

मुस्लिम ब्रदरहुड के अधिकारियों ने न्यूज़ एजेंसी रॉयटर से कहा कि मिस्र की जनता ने पहले चरण में राष्ट्रपति के मसौदे के पक्ष में अधिक वोट किए हैं।

हालांकि, औपचारिक तौर पर अभी परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं और इसके लिए अगले चरण के जनमत संग्रह का इंतज़ार है।

मिस्र में अगला जनमत संग्रह शनिवार को होना है। पहले चरण में मिस्र की जनता ने मतदान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।

हालांकि जनमत संग्रह के दौरान कई जगहों से हिंसक घटनाओं की खबरें भी आई और लोगों ने मतदान की समय सीमा बढ़ाए जाने पर नाराजगी भी जाहिर की।

उधर, विपक्षी दल वफ्ड पार्टी के एक नेता का कहना था कि जनमत संग्रह के दौरान काहिरा में उनके मुख्यालय पर पेट्रोल बम से हमला किया गया।

दो चरण में मतदान
संविधान के इस मसौदे पर रविवार को राजधानी काहिरा, एलेक्जेंड्रिया और आठ अन्य प्रांतों में वोटिंग हुई।

देश के बाकी हिस्सों में एक हफ्ते बाद संविधान पर मतदान करेंगे।

इस जनमत संग्रह के लिए मतदान वाले क्षेत्रों में क़रीब ढाई लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे।

संविधान के मसौदे पर मतदान के लिए पांच करोड़ 10 लाख से ज़्यादा मतदाताओं का पंजीकरण किया गया है।

मतदान को दो हिस्सों में कराने की वजह ये रही कि कुछ जजों ने जनमत संग्रह का निरीक्षण करने इच्छा जताई थी।

मानवाधिकार समूहों ने आशंका जताई है कि पहले चरण के मतदान के नतीजों का असर दूसरे चरण के जनमत संग्रह पर पड़ सकता है।

समर्थन और विरोध
इस जनमत संग्रह में लोगों से पूछा गया है कि वो अगले साल होनेवाले चुनाव से पहले अनिवार्य संविधान के मूल ढांचे में बदलाव का समर्थन करते हैं या नहीं।

काहिरा में बीबीसी संवाददाता जॉन लेन का कहना है कि संविधान के विरोधियों का तर्क है कि ये इस्लामिक क़ानून लागू करने की ओर अत्यधिक झुका हुआ है।

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि उलझे सांविधानिक प्रावधानों पर जनमत संग्रह दरअसल मतदान से कहीं अधिक है। इससे मिस्र के भविष्य की दिशा तय होनी है कि उसे इस्लामिक राष्ट्र होना चाहिए या फिर धर्मनिरपेक्ष।

  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'इंडिया' को दी दूसरे जन्मदिन की बधाई

  • सोमवार, 24 अप्रैल 2017
  • +

'इंडिया के जेम्स बॉन्ड' राजकुमार को बर्थडे पर गूगल ने दिया खास तोहफा

  • सोमवार, 24 अप्रैल 2017
  • +

फिल्म 'अवतार' के 4 सीक्वल आएंगे, रिलीज डेट आई सामने

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

गर्मियों की छुट्टी में ये 5 ऐप और गैजेट्स बनेंगे आपके साथी

  • सोमवार, 24 अप्रैल 2017
  • +

ऐसी मिट्टी पास रखने से चमक जाता है भाग्य, मिलती है दौलत भी

  • सोमवार, 24 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

अमेरिकी युद्धपोत को डुबो देगी हमारी सेना: उ. कोरिया

North Korea said it was ready to sink a US aircraft carrier to demonstrate its military might
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

फ्रांस राष्ट्रपति चुनाव: पेन को पछाड़ आगे निकले मैक्रोन

France presidential election 2017
  • सोमवार, 24 अप्रैल 2017
  • +

बेटी ने पूछा हिजाब उतार दूं? पिता ने दिया ऐसा जवाब कि हो रही वाहवाही

Muslim teen reveals father's response to removing hijab on twitter
  • बुधवार, 19 अप्रैल 2017
  • +

मेट्रो में घूमे-मंदिर में पूजा की...ऑस्ट्रेलिया पहुंच PM ने दिया झटका

Australia abolishes visa programme The majority of the visa holders were from India
  • मंगलवार, 18 अप्रैल 2017
  • +

अमेरिका, आस्ट्रेलिया की राह चला सऊदी, यहां भी बाहरियों की नो एंट्री

Saudi Arabia prevent foreigners from taking jobs in his country to help citizens
  • शुक्रवार, 21 अप्रैल 2017
  • +

अफगानिस्तान में सेना के बेस कैंप पर तालिबानी हमला, 140 सैनिकों की मौत

more than 50 afghan soldiers killed in talibani attack on army base us military
  • शनिवार, 22 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top