आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

'चीनी शासक कानून के दायरे में ही राज करें'

बीबीसी हिंदी

Updated Thu, 27 Dec 2012 08:46 AM IST
Chinese ruler to rule under law
चीन में सत्तर से ज्यादा विद्वानों और वकीलों ने सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के नए नेताओं से राजनीतिक सुधारों की अपील की है।
खबर है कि पेकिंग यूनिवर्सिटी में कानून एक प्रोफेसर चांग छियानफान ने इस बारे में एक मसौदा तैयार किया है। हालांकि इसमें चीन में कम्युनिस्ट पार्टी के शासन को खत्म करने की कोई मांग नहीं की गई है।

उनके हवाले से मीडिया खबरों में कहा गया है कि अगर बदलाव नहीं किए गए तो इससे चीन की क्रांति और व्यवस्था खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने ये भी कहा है कि वो सुधारों को लेकर विभिन्न विचारों के बीच आम सहमति का प्रयास करेंगे।

इस मसौदे पर हस्ताक्षर करने वाले एक स्वतंत्र चीनी अर्थशास्त्री चोंग ताचुन ने बीबीसी को बताया कि चीन के नेतृत्व को सार्वभौमिक मूल्यों का सम्मान करना होगा।

किन सुधारों पर जोर
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार सुधारों के इस मसौदे में कम्युनिस्ट पार्टी से संविधान के मुताबिक शासन करने, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संरक्षण करने, निजी उद्यमों को बढ़ावा देने और स्वतंत्र न्यायापालिका की अनुमति देने को कहा है।

चांग ने कहा कि चीन के सामने मौजूद सामाजिक असमानता, सत्ता का दुरुपयोग और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से निपटना बेहद जरूरी है। उनके अनुसार, "अगर चीन में बदलाव नहीं हुआ तो क्रांति खतरे में पड़ जाएगी और इससे अव्यवस्था फैलेगी।"

इस दस्तावेज में कुछ ऐसी भी मांगें हैं जो 2008 में तैयार 'चार्टर 08' में थी। हालांकि इस चार्टर में तो चीन में एक पार्टी के शासन को खत्म करने और लोकतांत्रिक सुधारों की मांग की गई थी।

इसी के कारण लियू शियाओबो को देशद्रोह में 11 साल की जेल हुई थी। बाद में उन्हें शांति के नोबेल पुरस्कार से भी नवाजा गया।

'बर्दाश्त नहीं' विरोध
हालांकि 25 दिसंबर को जारी सुधारों के ताजा मसौदे में हल्के अंदाज में कम्युनिस्ट से कानून के दायरे में रह कर शासन करने की अपील की गई है।

चांग का कहना है, “दरअसल ये हल्का है। हम उम्मीद करते हैं कि सरकार इसे स्वीकार करेंगे और सरकार और लोगों के बीच संवाद शुरू किया जाएगा।”

चीन के कम्युनिस्ट शासकों ने 1989 में बीजिंग के थियानमन चौक पर लोकतंत्र समर्थक आंदोलन कुचलने के बाद अपनी सत्ता को मिलने वाली किसी भी राजनीतिक चुनौती को बर्दाश्त नहीं किया है।

वहां से अकसर सरकारी विरोधियों के दमन, उन्हें जेल में डालने जाने या निर्वासित कर दिए जाने की खबर आती हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

china Communist Ruler

स्पॉटलाइट

Cannes 2017: मल्लिका शेरावत अपने डीप नेक गाउन में लग रही हैं बेहद खूबसूरत

  • शनिवार, 27 मई 2017
  • +

नेकेड ड्रेस पहनकर इस एक्ट्रेस ने उड़ाई फैशन की धज्जियां, खुले रह गए लोगों के मुंह

  • शुक्रवार, 26 मई 2017
  • +

स्टाइलिश मेलानिया ट्रंप की ये 5 बातें रखती हैं उन्हें फैशन में सबसे अलग

  • शुक्रवार, 26 मई 2017
  • +

इन तीन राशियों के प्रेमी जीवन में इस सप्ताह आएगा बड़ा बदलाव

  • शुक्रवार, 26 मई 2017
  • +

गणपति की पूजा करती है सलमान की ये चाइनीज हीरोइन

  • शुक्रवार, 26 मई 2017
  • +

Most Read

ब्रिटेन: IED बम बांधकर आया था हमलावर, 22 की मौत

Manchester Arena: 22 dead in terror attack explosion at Ariana Grande concert
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

दुबई में पहली बार ड्यूटी पर तैनात हुआ रोबोट पुलिस अफसर

First time in dubai robot police officer is on duty
  • गुरुवार, 25 मई 2017
  • +

एशिया में पहली बार, समलैंगिकों की शादी को कोर्ट ने दी मंजूरी

First time in Asia, court approves marriage of homosexuals in Taiwan
  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' ने दिया इस्तीफा

NEPAL'S Prime Minister Pushpa Kamal Dahal 'Prachanda' resigned
  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

जकार्ताः बस अड्डे के अंदर हुए दो बम धमाके, 3 की मौत,

Explosions heard in East Jakarta, body parts spotted at the scene
  • गुरुवार, 25 मई 2017
  • +

Video: सऊदी पहुंचे ट्रंप ने जब किया तलवार के साथ डांस

US President Donald Trump's First Foreign Trip, Trump Swings To Saudi Sword Dance
  • रविवार, 21 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top