आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

'तालिबान से कम नहीं है पाकिस्तानी फौज'

बीबीसी हिंदी

Updated Thu, 13 Dec 2012 05:51 PM IST
pakistan army is just like taliban
मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा है कि पाकिस्तान अपने कबायली इलाकों में हजारों लोगों के मानवाधिकारों के हनन को रोकने में नाकाम साबित हो रहा है।
अपनी नई रिपोर्ट में एमनेस्टी ने कहा है कि देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र के कबायली इलाकों में तालिबान और सेना, दोनों ही लोगों को आतंकित कर रहे हैं।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मानवाधिकारों का हनन करने वालों को कोई सजा भी नहीं होती क्योंकि वहां संवैधानिक सुरक्षा उपाय लागू नहीं होते हैं।

कुछ कबायली इलाकों से सेना ने चरमपंथियों को निकाल दिया है, लेकिन ये कबायली जिले अब भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं।

एमनेस्टी इंटरनेशनल की पॉली ट्रसकोट का कहना है, “एक दशक तक चली हिंसा, उथल पुथल और संघर्ष के बाद अब भी कबायली समुदाय हमलों, अपहरण और दहशत का शिकार बन रहे हैं। उन्हें सुरक्षा नहीं दी जा रही है।”

‘क्रूरता के हाथ’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे इन इलाकों में 'कानून को लेकर फैली वीरानीयत' मानवाधिकारों से जुड़े संकट को हवा दे रही है।

'हिंसा का चक्र'
रिपोर्ट में बताया है कि सैनिक कबालयी पुरूषों और लड़कों को लंबे समय तक मनमाने तरीके से हिरासत में रखते हैं। उन्हें न तो अपनी सुरक्षा के उपायों के बारे में जानकारी होती है और न ही उन तक उनकी पहुंच होती है।

हिरासत में कई लोगों की मौत के मामले में भी सामने आते हैं। जिन लोगों को हिरासत में लिया गया, उनमें से बहुतों ने अपने साथ उत्पीड़न होने के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की शायद ही कभी जांच होती हो।

एमनेस्टी का कहना है कि चूंकि संवैधानिक सुरक्षा उपाय कबयाली इलाकों में लागू नहीं होते हैं, इसलिए सैन्य अफसर कई नए सुरक्षा कानूनों के नाम पर वहां हिंसा कर रहे है और उन्हें इसके लिए कोई दंड नहीं मिलता है।

ट्रसकोट कहती हैं, “सशस्त्र बलों को बिना रोकटोक मानवाधिकारों के हनन की अनुमति दे कर पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें उत्पीड़न और लोगों को गायब करने की खुली छूट दे दी है।”

एमनेस्टी ने पाकिस्तानी सरकार से आग्रह किया है कि वो कबायली इलाकों के लिए अपनी कानूनी प्रणाली में सुधार करे, ताकि वहां ‘हिंसा के चक्र’ को रोका जा सके।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

घर बैठे ही अब दूर होगी टैनिंग, एक बार तो जरूर ट्राई करें ये नुस्खा

  • रविवार, 20 अगस्त 2017
  • +

इसे कहते हैं जुगाड़, ट्रैक्टर को ही बना डाला स्वीमिंग पूल, देखें वीडियो

  • रविवार, 20 अगस्त 2017
  • +

खूबसूरत आंखों की अगर है ख्वाहिश तो अपनाएं ये टिप्स

  • रविवार, 20 अगस्त 2017
  • +

B'day Spl: तो क्या इसी स्टाइल की वजह से रणदीप करते हैं लड़कियों के दिलों पर राज!

  • रविवार, 20 अगस्त 2017
  • +

Video: बच्चे के खिलौने में घात लगाए लिपटा था इतना भयानक सांप, तभी...

  • रविवार, 20 अगस्त 2017
  • +

Most Read

पाकिस्तान से आजादी के लिए PoK में रैली, कहा- पाक भेजता है आतंकी

freedom from pakistan rally in pok, people says Pak sends terrorists to ruin us
  • शनिवार, 19 अगस्त 2017
  • +

'पाकिस्तान-चीन की दोस्ती फौलाद सी मजबूत, शहद से ज्यादा मीठी'

china says pak-china friendship is stronger than iron and sweeter than honey
  • मंगलवार, 15 अगस्त 2017
  • +

पाकिस्तान की मदर टेरेसा का हुआ अंतिम संस्कार, राष्ट्रपति और अार्मी चीफ भी हुए शामिल

Mother Teresa of Pakistan Ruth Pfau State funeral held
  • शनिवार, 19 अगस्त 2017
  • +

स्‍वतंत्रता दिवस पर पाक पीएम का भारत को इशारा- सबके साथ शांति चाहते हैं हम

Pak PM Abbasi said on their Independence Day, we want to make positive relations with all countries
  • सोमवार, 14 अगस्त 2017
  • +

कुलभूषण मामले में पाक के पूर्व अटॉर्नी जनरल बन सकते हैं एड हॉक जज

Pak is likely to nominate former attorney general Makhdoom Ali as an ad-hoc judge in Kulbhushan case
  • मंगलवार, 15 अगस्त 2017
  • +

पनामा केस: पूछताछ के लिए नवाज और उनके बेटे नहीं हुए ACB के सामने पेश

Nawaz Sharif and Sons did not Appear Before Anti-corruption Body
  • शनिवार, 19 अगस्त 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!