आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

फलस्तीन पर ‘नाम’ की बैठक रद्द

Ashok Kumar

Ashok Kumar

Updated Sat, 11 Aug 2012 04:32 PM IST
meeting of nam on palastine cancelled
फलस्तीन द्वारा संयुक्त राष्ट्र में उसकी सदस्यता की मजबूत दावेदारी की कोशिश को समर्थन देने के लिए भारत सहित गुट निरपेक्ष राष्ट्रों की वेस्ट बैंक के रमल्ला में प्रस्तावित बैठक इस्राइल के विरोध के बाद आखिरी क्षणों में रद्द करनी पड़ी। इस्राइल ने उसके द्वारा अधिग्रहित रमल्ला के में पांच देशों के प्रतिनिधियों को प्रवेश देने से मना कर दिया गया था।
फलस्तीन प्रशासन (पीए) की 12 नॉन अलाइड मूवमेंट (नाम) देशों के साथ बैठक रविवार शाम को प्रस्तावित थी। इस दौरान विभिन्न देशों के मंत्री और प्रतिनिधि दो दिनों तक विचार विमर्श करते। यहां फलस्तीन की यूएन में मजबूत दावेदारी के लिए एक प्रस्ताव पर सभी सदस्यों द्वारा हस्ताक्षर भी किया जाता।

इस्राइल ने बांग्लादेश, मलयेशिया, इंडोनेशिया, और क्यूबा जैसे देशों के मंत्रियों और प्रतिनिधियों को प्रवेश देने से इनकार किया। बैठक रद्द होने के बाद भारत के विदेश मंत्रालय के सचिव (ईस्ट) संजय सिंह को बीच रास्ते से ही नई दिल्ली के लिए वापस लौटना पड़ा। इसमें उन देशों के प्रतिनिधियों को आने से रोका गया, जिनका इस्राइल के साथ कोई राजनयिक संबंध नहीं है। इस्राइली विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि भारत जैसे अन्य देशों के अधिकारियों को इसलिए वेस्ट बैंक आने से नहीं रोका गया, क्योंकि इन देशों के हमारे साथ विशेष राजनयिक संबंध हैं।

क्या है ‘नाम’
गुट निरपेक्ष आंदोलन (नाम) राष्ट्रों की एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जिन्होंने यह निश्चय किया है कि वे विश्व के किसी भी पावर ब्लॉक (शक्तिशाली देश) के गुट में नहीं रहेंगे। यह आंदोलन भारत के प्रधान मंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति गमाल अब्दुल नासर एवं युगोस्लाविया के राष्ट्रपति जोसिप ब्रॉज़ टीटो द्वारा शुरू किया गया था। इसकी स्थापना अप्रैल 1955 में हुई थी और 2007 तक तक इसमें 118 सदस्य हो चुके थे।

कभी काफी प्रभावी रहा है ‘नाम’
अमेरिका और रूस के बीच शीतयुद्ध के समय में गुट निरपेक्ष आंदोलन (नाम) काफी प्रभावशाली रहा है। दोनों देशों के बीच वर्ष 1947 से लेकर 1999 तक कोल्ड वार छिड़ा रहा। नाम के गठन होने के बाद दोनों ही देश इस संगठन को अपने साथ लाने की कोशिश करते रहे।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

31 मई से होगी ब्लैकबेरी के आखिरी फोन की सेल

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

प्रभास की फिल्म 'साहो' का टीजर रिलीज, जबरदस्त एक्शन करते दिखे 'बाहुबली'

  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

भारतीय सेना के बेड़े में शामिल होगी टाटा सफारी स्टॉर्म 4x4

  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

इन पाक एक्टर्स से सीखिए दाढ़ी रखने का अंदाज, गर्मियों में भी दिखेंगे कूल

  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

ये हैं वो 10 डायलॉग्स जिन्होंने विनोद खन्ना को 'अमर' बना दिया

  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

सऊदी के मुर्दाघर में हफ्तों से पड़े हैं दो भारतीयों के शव

Saudi Arabia: Bodies of two Indian workers lying in mortuary
  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

सीरिया: आत्मघाती धमाके में 100 की मौत

Syria: Up to 16 dead as bus targeted by 'suicide bomber'
  • रविवार, 16 अप्रैल 2017
  • +

पश्चिमी मोसुल में क्लोरीन गैस से आईएस का हमला

Chlorine Gas Attack in Western Mosul by ISIS
  • रविवार, 16 अप्रैल 2017
  • +

बगदादी ने लड़ाकों से कहा- खुद को बम से उड़ा लो

ISIS chief Abu Bakr al-Baghdadi admits defeat and ordered his fighters to detonate themselves
  • गुरुवार, 2 मार्च 2017
  • +

लीबिया के तट पर बहकर आए 74 प्रवासियों के शव

74 found dead on Libyan beach
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top