आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

यौन शोषण पर चुप्पी तोड़ना इतना मुश्किल क्यों?

बीबीसी हिन्दी

Updated Sun, 28 Oct 2012 11:22 AM IST
why is so difficult to break silence on sexual abuse
बच्चों के साथ होने वाला यौन दुर्व्यवहार एक कड़वा सच है जिससे पीड़ित व्यक्ति को इतना गहरा सदमा पहुंचता है कि असर दशकों तक बना रहता है।
इस तरह के बच्चे दोहरी पीड़ा बर्दाश्त करते हैं। न तो वो इस हादसे से उबर पाते हैं और न ही वो किसी से इस बारे में बात कर पाते हैं।

लेकिन, ये दोनों ही बातें आपस में जुड़ी हैं। यौन शोषण के बारे में ना बताना, शोषण की पीड़ा को तो बढ़ाता ही है साथ ही पीड़ित व्यक्ति को अवसादग्रस्त भी कर देता है।

पियर्स की उम्र उस समय 13 साल थी जब एक शिक्षक ने स्कूल में ही उनका पहली बार यौन शोषण किया था। घटना को तीन दशक से ज्यादा बीत चुके हैं और वो आज तक इससे उबर नहीं पाई हैं।

लगभग 45 साल की उम्र में पियर्स ने आत्महत्या करने की कोशिश की और बड़ी मुश्किल से इस स्थिति में आ पाईं जिसमें वो अपना दर्द दूसरों के साथ बांट सकें। आखिरकार वो पुलिस स्टेशन पहुंचीं जहां उन्होंने सारी कहानी बयां की।

वक्त और दर्द का नाता
बचपन में यौन शोषण का शिकार हुए लोगों की मदद के लिए एक संगठन चलाने वाले पेट सौंडर्स कहते हैं कि जैसे-जैसे समय बीतता जाता है, ऐसे लोगों के लिए अपना दर्द बयां करना सरल होता जाता है।

वो अपनी इस बात के समर्थन में एक अमरीकी शोध का हवाला देते हैं जिसमें कहा गया है कि बचपन में यौन शोषण का शिकार बने बच्चे शोषण बंद होने के औसतन 22 वर्षों बाद सामने आ पाते हैं।

पेट सौंडर्स के साथ भी बचपन में यौन शोषण हुआ था और वो शोषण बंद होने के 25 साल बाद दुनिया को इस बारे में बता पाए।

वो कहते हैं, ''मैं एक तरह से इससे कभी बाहर नहीं निकल सकूंगा। मुझे कभी पता नहीं चलेगा कि मुझे आखिर क्यों निशाना बनाया गया था। मैं जब तक जीवित रहूंगा, मुझमें गुस्सा भरा रहेगा।''

चुप्पी तोड़ें
एक अनुमान के मुताबिक, हर चार में से एक बच्चा यौन शोषण का शिकार होता है। ऐली गोडसी एक मनोचिकित्सक हैं। वो कहती हैं कि शोषण का असर दशकों तक बना रहता है और इससे व्यक्ति का चरित्र, व्यवहार, पहचान सब कुछ बदल जाता है।

वो कहती हैं, ''ऐसी स्थिति में अवसाद, चिंता, खुद को नुकसान पहुंचाने की प्रवृत्ति, नशीले पदार्थ लेना, बड़ी साधारण बात सी है। इससे किसी व्यक्ति के पूरे जीवन पर असर पड़ता है। खासतौर पर तब जब आप इस बारे में किसी से बात नहीं करते हैं।''

वो बीबीसी के पूर्व प्रसारक जिमी सेविल मामले का उदाहरण देती हैं। वो कहती हैं कि जिस तरह से लोग अपने साथ हुए शोषण की कहानी के साथ अब सामने आ रहे हैं, वो बड़ा महत्वपूर्ण है।

ऐली गोडसी कहती हैं, ''जब आप पहली बार इस बारे में बताते हैं तो ये बड़ा मुश्किल होता है कि लोग इस पर विश्वास करें, और यदि लोग आपकी बात पर नकारात्मक रवैया अपनाते हैं तो आपके लिए दोबारा इस बारे में बात करना नामुमकिन हो जाएगा।''

लूसी डकवर्थ के साथ भी ऐसा ही हादसा पेश आया। वो बताती हैं कि 11 साल की उम्र तक दो पादरियों ने उनका यौन शोषण किया और जब उनकी उम्र 20 से ज्यादा हो गई, तब कहीं जाकर वो इस बारे में किसी को बता पाईं।

ऐली गोडसी कहती हैं, ''साठ और सत्तर के दशक में ऐसा नहीं होता था। तब ऐसा माना जाता था कि कोई जिमी सेविल, कोई पादरी या स्कूल टीचर ऐसा नहीं करेगा।''

लेकिन अब बच्चे उम्मीद कर सकते हैं कि उनकी बात पर ऐतबार किया जाएगा और उनसे ठीक से बात की जाएगी ताकि वो इस तरह के शोषण के मामलों में चुप्पी तोड़ सकें।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

देखें, रियल लाइफ में कैसे दिखते हैं 'बाहुबली' के ये फेमस स्टार

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

कैटरीना ने टॉवल में खिंचवाई तस्वीर, सोशल मीडिया पर वायरल

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

कपड़े धोते हुए पत्नी की हो गई थी मौत, पति ने ऐसे कर दिया दोबारा जिंदा..

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

लोगों पर छाया 'बाहुबली' का खुमार, प्रभास की तस्वीर पर चढ़ा दूध

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

बॉलीवुड में भी अपने लुक से सबको दीवाना बनाने को तैयार है ये पाकिस्तानी हीरोइन

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

फ्रांस चुनाव: पेन बोलीं- मस्जिदों पर लगेगा ताला

France votes in presidential election today
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

इंग्लैंड में भारतीय मूल के सैनिक को उम्रकैद

Indian origin soldier life imprisonment in England
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

पेरिस में आतंकी हमला, ISIS ने ली जिम्मेदारी

One policeman killed after shooting incident in Paris
  • शुक्रवार, 21 अप्रैल 2017
  • +

फ्रांस चुनावः मेरी ली पेन ने नेशनल फ्रंट पार्टी के प्रेसिडेंट का पद छोड़ा!

France Presidential Election marine Le Pen 'steps down' as National Front leader
  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

एक क्लिक में जानिए, फ्रांस में कैसे होता है राष्ट्रपति का चयन

How the President is elected in France
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

फ्रांस राष्ट्रपति चुनाव: करोड़ों के घोटाले के आरोप में घिरीं ली पेन

MEPs act to strip Le Pen of immunity in fake jobs case
  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top