आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

कौन था सिगरेट का आविष्कारक?

Avanish Pathak

Avanish Pathak

Updated Mon, 19 Nov 2012 12:22 PM IST
Who was the inventor of cigarettes?
सफ़ेद, तीन इंच लंबी और एक बच्चे की उंगली जितनी चौड़ी- बात हो रही है सिगरेट की जो दुनिया भर में शायद सबसे ज़्यादा बदनाम उत्पाद है.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिगरेट किसने ईजाद की? क्या आपके मन में भी ये सवाल है कि धूम्रपान की वजह से होने वाली अंसख्यक मौतों के लिए क्या इस व्यक्ति को ज़िम्मेदार ठहराया जा सकता है?

साल 2000 तक के आंकड़े कहते हैं कि फेफड़े के कैंसर से हर साल लगभग दस लाख लोगों की मौत हो रही थी. इनमें से लगभग 85 प्रतिशत लोगों में इस कैंसर की वजह सिर्फ़ तंबाकू थी.

अमरीका की स्टैनफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़े रॉबर्ट प्रॉक्टर कहते हैं, "मानव सभ्यता के इतिहास में सिगरेट सबसे घातक उत्पाद है. 20वीं सदी में धूम्रपान की वजह से लगभग दस करोड़ लोग मर चुके हैं."

'टोबैको इन हिस्ट्री' किताब के लेखक जॉर्डन गुडमैन कहते हैं कि हालांकि वो ऐसे किसी व्यक्ति विशेष का नाम लेने से बचेंगे लेकिन "अमरीका के जेम्स बुकानन ड्यूक सिगरेट के आविष्कार के लिए ज़िम्मेदार थे."

जेम्स बुकानन ड्यूक न सिर्फ़ सिगरेट को उसका मौजूदा स्वरूप देने के लिए ज़िम्मेदार हैं बल्कि उन्होंने सिगरेट की मार्केटिंग और वितरण में भी अहम भूमिका निभाई जिससे सारी दुनिया में इसकी लोकप्रियता बढ़ी.

उत्पादन ज़्यादा, बिक्री कम

वर्ष 1880 में 24 साल की उम्र में ड्यूक ने हाथ से बनी सिगरेट के कारोबार में कदम रखा जो उस समय बहुत व्यापक नहीं था. उत्तरी कैरोलीना के डरहम शहर में कुछ लोगों ने मिलकर 'ड्यूक ऑफ़ डरहम' नाम से सिगरेट बनाने की शुरुआत की जिसके दोनों कोनों को मोड़ कर सील किया जाता था.

दो साल बाद ड्यूक ने जेम्स बोनसैक नाम के एक युवा मैकानिक के साथ काम करना शुरु किया जिसका कहना था कि वो मशीन से सिगरेट का उत्पादन कर सकता है. ड्यूक को बोनसैक की इस बात में कारोबार का एक बढ़िया मौका दिखा. उन्हें यक़ीन था कि हाथ से बनी, छोटे-बड़े आकार की सिगरेट की जगह लोग मशीन से बनी, एक ही आकार की सिगरेट पीना पसंद करेंगे.

साथ ही उस वक्त ड्यूक के कारखाने में जहां लड़कियां एक शिफ़्ट में हाथ से लगभग 200 सिगरेट बनाती थीं, वहीं इस नई मशीन से एक दिन में 120,000 सिगरेट तैयार होने लगीं जबकि उस समय अमरीका में सिर्फ़ 24,000 सिगरेट की ही खपत होती थी.

जॉर्डन गुडमैन कहते हैं, "समस्या ये थी कि सिगरेट का उत्पादन ज़्यादा हो रहा था लेकिन बिक्री कम. इसलिए ड्यूक को अब सिगरेट बेचने के तरीके खोजने थे."

विज्ञापन और मार्केटिंग

वो तरीका था विज्ञापन और मार्केटिंग. जेम्स ड्यूक ने घुड़-दौड़ को प्रायोजित करना, सौंदर्य प्रतियोगिताओं में मुफ़्त सिगरेट बांटना और ग्लॉसी पत्रिकाओं में विज्ञापन देना शुरु किया. वर्ष 1889 में ही सिगरेट की मार्केटिंग पर उन्होंने आठ लाख डॉलर खर्च किए जो आज लगभग दो करोड़ पचास लाख डॉलर के बराबर है.

एकाकार, सफ़ाई से बनी सिगरेट और उनके सही प्रचार, ये दो वजह थीं जेम्स ड्यूक की शुरुआती सफलता की. एक विज्ञापन में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि हाथ से और थूक के इस्तेमाल से बनाई जाने वाली सिगार के मुकाबले मशीन से बनाई सिगरेट ज़्यादा साफ़-सफ़ाई से बनाई जाती है.

और जेम्स ड्यूक की उम्मीद के मुताबिक लोगों को मशीन से बनी सिगरेट ही ज़्यादा पसंद आईं.

अमरीका में पांव पसारने के बाद जेम्स ड्यूक ने विदेश का रूख किया. वर्ष 1902 में उन्होंने ब्रिटेन की इंपीरियल टोबैको कंपनी के साथ मिलकर ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको नाम की कंपनी स्थापित की.

कंपनी द्वारा बेची जाने वाली सिगरेट में कोई बदलाव नहीं होता था, केवल अलग-अलग उपभोक्ताओं के हिसाब से उनकी पैकेजिंग और मार्केटिंग रणनीति बदली जाती थी.

लेखक जॉर्डन गुडमैन कहते हैं, "मैक्डॉनल्डस और स्टारबक्स के रूप में हम आज जिसे वैश्वीकरण कहते हैं, इसके जनक थे ड्यूक और उनकी सिगरेट."

जब दवा थी सिगरेट

दुनिया भर में आज भी धूम्रपान बढ़ रहा है. हालांकि दुनिया के अमीर हिस्सों में धूम्रपान कम हो रहा है लेकिन विकासशील देशों में सिगरेट की मांग हर वर्ष 3.4 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है.

 विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी दी है कि अगर धूम्रपान रोकने के लिए ज़रूरी कदम नहीं उठाए गए, तो अगले 30 साल में 10 करोड़ लोगों की तंबाकू से जुड़ी बीमारियों की वजह से मौत होगी. ये संख्या एड्स, तपेदिक, कार दुर्घटना और आत्महत्या से होने वाली कुल मौतों से ज़्यादा है.

लेकिन क्या इस सबके लिए जेम्स बुकानन ड्यूक को ज़िम्मेदार ठहराया जा सकता है?

फेफड़े के कैंसर और सिगरेट पीने के बीच संबंध का पता 1930 के दशक तक नहीं चला था जबकि जेम्स ड्यूक की मृत्यु 1925 में हुई. यहां तक कि उस वक्त सिगरेट को स्वास्थ्य के लिए लाभदायक बताकर प्रचार किया गया. वर्ष 1906 तक सिगरेट, दवाइयों की इन्साइक्लोपीडिया में शामिल थी.

'टोबैको कंट्रोल' पत्रिका के एक हाल के लेख में रॉबर्ट प्रोक्टर लिखते हैं कि तंबाकू उद्योग के कई लोग इसके लिए ज़िम्मेदार हैं जिनमें इन्हें बेचने वाली दुकानें, विज्ञापन कंपनियां, सिगरेट पैकेट डिज़ाइन करने वाले कलाकार और सिगरेट कंपनियों में काम करने वाले लोग भी शामिल हैं.

जॉर्डन गुडमैन मानते हैं कि जेम्स ड्यूक हीरो भी हैं और विलेन भी. वे कहते हैं, "बाज़ार, इंसानी मनोविज्ञान और विज्ञापन की दुनिया की समझ के लिहाज़ से वे हीरो हैं."

लेकिन सिगरेट और धूम्रपान से जुड़े विवादों से ये सब छिप जाता है.

गुडमैन कहते हैं, "जेम्स ड्यूक ने दुनिया को सिगरेट दी और यही सिगरेट 20वीं सदी की समस्या है."

"मानव सभ्यता के इतिहास में सिगरेट सबसे घातक उत्पाद है. 20वीं सदी में धूम्रपान की वजह से लगभग दस करोड़ लोग मर चुके हैं."

रॉबर्ट प्रोक्टर, स्टैनफ़ोर्ड विश्वविद्यालय

 "अगर ध्रूमपान रोकने के लिए ज़रूरी कदम नहीं उठाए गए, तो अगले 30 साल में 10 करोड़ लोगों की तंबाकू से जुड़ी बीमारियों की वजह से मौत होगी. ये संख्या एड्स, तपेदिक, कार दुर्घटना और आत्महत्या से होने वाली कुल मौतों से ज़्यादा है."

विश्व स्वास्थ्य संगठन
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

नागपंचमी: शेषनाग नहीं ये हैं नागों के राजा, बहन की शादी करवाकर बचाई थी सांपों की जान

  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

जब चाय ना मिलने की वजह से अमजद खान ने कर दी थी ये हरकत

  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

क्या है सिगरेट छोड़ने का 'गर्लफ्रेंड फॉर्मूला'?

  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

ज्यादा ड्राइविंग करने से होता है दिमाग पर असर, बच के रहें!

  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

भाई रणबीर कपूर से ज्यादा स्टाइलिश हैं 'रिद्धिमा कपूर', देखें Photos

  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

Most Read

2040 तक पेट्रोल डीजल कारों की बिक्री बंद करेगा ब्रिटेन

 Britain to ban all petrol and diesel cars by 2040
  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

ब्रिटेन: मुस्लिम महिला पर नस्लीय हमला, खींचा हिजाब

muslim woman misbehaved  and assaulted in London
  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

ब्रिटिश निर्देशक ने कहा - समलैंगिक थे शेक्सपीयर

William Shakespeare was gay and wrote his sonnets for men
  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

साइबर हमले में फंसे कई देश, भारत भी आया जद में

Cyberattack: Ransomware hits Jawaharlal Nehru port operations in Mumbai
  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

फ्रेंच रिपोर्ट का दावा- एयरक्रैश में नहीं हुई थी नेताजी की मौत

french secret report says that neta ji did not die in 1945 air crash
  • रविवार, 16 जुलाई 2017
  • +

भारत पहले सबूत पेश करे, फिर हम करेंगे पैरवी: माल्या

Next hearing in Vijay Mallya's extradition case to be held on 14th September
  • गुरुवार, 6 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!