आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

तीन प्रताड़ित कीनियाई ब्रिटेन से मांग सकेंगे मुआवज़ा

बीबीसी हिंदी

Updated Sat, 06 Oct 2012 07:54 PM IST
 three kiniai will demand compensation from the uk
ब्रिटेन की उच्च अदालत ने फैसला सुनाया है कि 1950 के दशक में ब्रिटेन के औपनिवेशिक शासन के तहत प्रताडना का शिकार हुए तीन कीनियाई नागरिक ब्रिटेन सरकार से मुआवज़े की मांग कर सकते हैं। हांलाकि इस तरह का मामला दायर करने की समय सीमा बीत चुकी है लेकिन अदालत के फैसले के अनुसार पीड़ित नागरिक मुआवज़े के लिए मुकदमा दायर कर सकते हैं ये मामला कीनिया में 1950 में हुए मॉउ मॉउ विद्रोह का है।
इस फैसले का मतलब हैं कि अब इस मामले की पूरी सुनवाई होगी। इस मामले में कीनियाई नागरिकों का पक्ष रखने वाले वकीलों ने इस फैसले को ‘ऐतिहासिक’ बताया। कीनियाई नागरिकों के वकील मार्टिन डे ने कहा, “ये एक ऐतिहासिक फैसला है जिसकी गूंज विश्व भर में सुनाई देगी और इसका असर आने वाले वर्षों में दिखाई देगा।”

वकीलों ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किलों में से एक ज़िल को नपुंगसक बना दिया गया था, नियांजी को बुरी तरह पीटा गया, म्यूथोनी मारा का यौन शोषण किया गया। जबकि चौथे कीनियाई नागरिक निडिकू मूतविवा की इसी साल मौत हो चकी है। ब्रिटेन सरकार इस बात को स्वीकार करती है कि ब्रिटिश सेनाओं ने हिरासत में रखे गए लोगों को प्रताडित किया लेकिन इस बात की ज़िम्मेदारी लेने से इंकार कर रही है और इस फैसले के खिलाफ़ अपील करेगी।

ब्रिटिश सरकार ने शुरुआत में दलील दी थी कि 1963 में आज़ादी देने के साथ ही सभी ज़िम्मेदारियां कीनियाई सरकार को सौंप दी गई थी और इसके लिए कीनियाई सरकार को ज़िम्मेदार माना जाना चाहिए। कीनियाई नागरिकों के वकील मार्टिन डे ने कहा, “इस फैसले के बाद हम उम्मीद करते हैं कि सरकार अब हमारी मांगों पर गौर करेगी और इन मागों को पूरा करेगी। मालाया से लेकर यमन और साइप्रस से लेकर फ़लस्तीन तक के लोग इस फैसले को ध्यान से पढ़ रहे होंगे।”

कीनियाई राजधानी नेरोबी में मौजूद बीबीसी संवाददाता गैब्रियल गेटहाऊस कहते हैं कि नेरोबी में कीनियाई मानवाधिकार आयोग के सामने 50 माओ माओं बुजूर्ग इकट्ठा हुए और अपनी खुशी का इज़हार किया। ब्रिटेन के विदेश और राष्ट्रमंडल विभाग के प्रवक्ता ने कहा हैं कि ये फैसला काफ़ी महत्वपूर्ण है और इसके दूरगामी वैधानिक प्रभाव होंगे।

विदेश और राष्ट्रमंडल विभाग के प्रवक्ता ने कहा, “इस तरह के मामलों में अपील करने की समय सीमा तीन से छह साल है लेकिन इस मामले में इसे बढ़ाकर 50 वर्ष कर दिया गया है जबकि इस मामले में अहम फैसला लेने वाले अधिकतर लोगों की मौत हो चुकी है और वो अपना पक्ष नहीं रख पाएंगे।”

विदेश और राष्ट्रमंडल विभाग के प्रवक्ता ने दोहराया कि सरकार इस बात से इंकार नहीं कर रही है कि औपनिवेशिक शासन के तहत तीनों नागरिकों के साथ प्रताड़ना हुई थी।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

Nokia 3310 की कीमत का हुआ खुलासा, 17 मई से शुरू होगी डिलीवरी

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

फॉक्सवैगन पोलो जीटी का लिमिटेड स्पोर्ट वर्जन हुआ लॉन्च

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

सलमान की इस हीरोइन ने शेयर की ऐसी फोटो, पार हुईं सारी हदें

  • बुधवार, 26 अप्रैल 2017
  • +

इस बी-ग्रेड फिल्म के चक्कर में दिवालिया हो गए थे जैकी श्रॉफ, घर तक रखना पड़ा था गिरवी

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

विराट की दाढ़ी पर ये क्या बोल गईं अनुष्का

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

फ्रांस चुनाव: पेन बोलीं- मस्जिदों पर लगेगा ताला

France votes in presidential election today
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

पेरिस में आतंकी हमला, ISIS ने ली जिम्मेदारी

One policeman killed after shooting incident in Paris
  • शुक्रवार, 21 अप्रैल 2017
  • +

आयरिश महिला की नस्ली टिप्पणी, 'तुम कलंक हो! गो बैक टू इंडिया।'

Ireland: Woman yells at train passengers Go back to India
  • गुरुवार, 20 अप्रैल 2017
  • +

फ्रांस चुनावः मेरी ली पेन ने नेशनल फ्रंट पार्टी के प्रेसिडेंट का पद छोड़ा!

France Presidential Election marine Le Pen 'steps down' as National Front leader
  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

एक क्लिक में जानिए, फ्रांस में कैसे होता है राष्ट्रपति का चयन

How the President is elected in France
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

एयरपोर्ट पर भारतीय मूल की महिला से कहा- कपड़े उतारो, सरकार सख्त

Frankfurt airport: Indian woman asked to strip as part of 'random security check'
  • रविवार, 2 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top