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रोबोट ने किया दिल का ऑपरेशन

Santosh Trivedi

Santosh Trivedi

Updated Sat, 27 Oct 2012 03:41 PM IST
first ever da vinci robot open heart surgery in uk
ब्रिटेन में एक महिला के दिल का ऑपरेशन किसी सर्जन ने नहीं, बल्कि एक रोबोट ने किया। ब्रिटेन में ये इस तरह का पहला ऑपरेशन है।
लंदन के वॉल्वरहैंप्टन में न्यू क्रॉस हॉस्पिटल के सर्जनों की टीम ने इस ऑपरेशन के लिए 'द विंची' रोबोट का इस्तेमाल किया। डॉक्टरों ने परिष्कृत कैमरे की मदद से नियंत्रण कक्ष में बैठ कर इस ऑपरेशन को संचालित किया।

22 साल की नेटली जोन्स के दिल में एक छेद था जिसे ठीक करने के लिए इस ऑपरेशन की जरूरत पड़ी। डॉक्टरों का कहना है कि रोबोट के जरिए किया गया ऑपरेशन पारंपरिक सर्जरी की तुलना में रोगियों के लिए सुरक्षित है।

सुरक्षित और आरामदेह
सामान्य तरीके से दिल की सर्जरी के लिए रोगी के सीने में लंबा चीरा लगाना पड़ता है लेकिन, रोबोट के जरिए होने वाले इस ऑपरेशन में पसलियों के बीच छोटा चीरा लगाना पड़ता है। इसी जगह से रोबोटिक आर्म यानी रोबोटिक भुजा शरीर के अंदर प्रवेश करती है।

इसके बाद नियंत्रण कक्ष में सर्जन उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे के माध्यम से 3 डी में रोगी के भीतरी अंग देख कर ऑपरेशन का संचालन करते हैं। हार्ट सर्जन स्टीफन बिलिंग कहते हैं, "इस प्रकिया में दर्द कम होता है और रोगी ऑपरेशन के बाद जल्द ही अपने रोजमर्रा के काम फिर से करने लगता है।"

नेटली जोन्स के दिल में एक 3.5 सेंटीमीटर लंबा छेद था और इस ऑपरेशन को पूरा करने में डॉक्टरों को नौ घंटे लगे। नेटली जोन्स कहती हैं कि वो चाहती थीं कि जल्द से जल्द ऑपरेशन हो जाए ताकि वो वह वापस अपने 21 महीने के बेटे की देखभाल के लिए घर जा सकें।

वो कहती हैं, "मैं डरी हुई थी, लेकिन मैंने रोबोटिक सर्जरी का फैसला इसलिए किया क्योंकि मैं एक बड़े चीरे का निशान नहीं चाहती थी, साथ ही रोबोट से ऑपरेशन कराने वाली पहली महिला बनने का विचार मुझे अच्छा लगा।"

प्रशिक्षण
इससे भी अधिक जटिल प्रक्रिया वाला एक ऑपरेशन पेशे से बिल्डर 43 वर्षीय पॉल व्हाइटहाउस का किया गया। इसमें उनके वॉल्व की मरम्मत करनी थी।

डॉक्टरों का कहना है कि आमतौर पर ऑपरेशन के बाद ठीक होने और काम पर वापस लौटने में छह महीने लगते हैं लेकिन व्हाइटहाउस दो महीनों के बाद ही अपने काम पर वापस लौट सकते है।

स्वीडन और फिनलैंड के बाद ब्रिटेन तीसरा यूरोपीय देश है जहाँ खुले दिल की सर्जरी के लिए रोबोट का इस्तेमाल किया गया है। सर्जनों की टीम ने इस तरह के ऑपरेशनों के लिए फिनलैंड में व्यापक प्रशिक्षण हासिल किया है।
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