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ख़तना को मिलेगी क़ानूनी इजाज़त

बीबीसी हिन्दी

Updated Thu, 11 Oct 2012 02:32 PM IST
circumcise will be legalised
जर्मन कैबिनेट ने उन प्रस्तावों को समर्थन देने की घोषणा की है जो ख़तना के लिए साफ़ तौर पर इजाज़त देंगे। इस साल की शुरुआत में एक प्रांतीय अदालत ने फै़सला दिया था कि ये परंपरा एक हमले की तरह है। इस फ़ैसले पर यहूदी और मुस्लिम संगठनों ने विरोध जताया था।
कुछ लोगों को इस बात का भी डर था कि इस फ़ैसले से जर्मनी में एक बार फिर यहूदियों के ख़िलाफ़ भावनाएं भड़क सकती हैं। नए क़ानून के तहत ख़तना क़ानूनन वैध होगा बशर्ते ये प्रशिक्षित लोगों द्वारा किया जाए और माता-पिता को इस ऑपरेशन से जुड़े ख़तरों के बारे में पूरी जानकारी दी जाए। बर्लिन में मौजूद बीबीसी संवाददाता स्टीफ़न इवांस के मुताबिक बहुत सारे लोगों का तर्क है कि शायद अब भी दोनों समुदाय इन नियमों का पालन कर रहे हैं।

'धार्मिक अधिकारों का अपमान'
ख़तना पर विवाद इस वर्ष जून में शुरु हुआ जब कोलोन में एक अदालत ने कहा कि मज़हबी परंपरा के मुताबिक हुए एक चार साल के मुस्लिम लड़के का खतना करने से उसे शारीरिक नुकसान पहुंचा। ये मामला अदालत में उस वक्त आया जब डॉक्टर द्वारा ख़तना किए जाने के बाद स्वास्थ्य-संबंधी जटिलताएं पैदा हो गईं।

इसके बाद जर्मन मेडिकल एसोसिएशन ने देश भर के डॉक्टरों को ये ऑपरेशन करने से मना कर दिया। जर्मनी में हर वर्ष हज़ारों मुस्लिम और यहूदी लड़कों का ख़तना किया जाता है। जर्मनी के साथ ही कई यूरोपीय यहूदी और मुस्लिम संगठनों ने इस फ़ैसले का विरोध किया। इनका कहना था "ये हमारी मूल धार्मिक भावनाओं और मानवाधिकारों का अपमान है"।

'क़ानूनी निश्चितता'
बीबीसी संवाददाता स्टीफ़न इवांस के मुताबिक कुछ यहूदियों को लगने लगा है कि उनके समुदाय के ख़िलाफ़ भावनाएं फिर से उभर रही हैं और इन लोगों की ऐसी सोच जल्दी नहीं बदलेगी। इस फ़ैसले से अमरीका में भी ख़तना के रिवाज़ पर फिर से विवाद शुरु हो गया। अमरीका उन देशों में से है जहां ख़तना सबसे ज़्यादा प्रचलित है।

जुलाई में जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्कल के प्रवक्ता ने कहा था कि सरकार को इस मुद्दे पर "क़ानूनी निश्चितता" कायम करनी चाहिए। बीबीसी संवाददाता के मुताबिक प्रस्तावित क़ानून का यही मक़सद है। उम्मीद जताई जा रही है कि जर्मन संसद साल ख़त्म होने से पहले ये क़ानून पारित कर देगी।
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